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सीमा पर परिंदा भी नहीं मार सकेगा 'पर', अमेरिकी ड्रोन से रखी जाएगी पैनी नजर

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 23 , 2017 , 13:54 IST | वाशिंगटन

अमेरिका ने भारत को 22 गार्जियन ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस ड्रोन से भारत की 7500 किलोमीटर लंबी तटीय सीमा पर नजर रखी जाएगी। नरेंद्र मोदी की 26 जून को व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रम्प से पहली मुलाकात होने वाली है। उससे पहले अमेरिका का यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों में पांसा पलटने वाला माना जा रहा है। यह सौदा दो से तीन अरब डॉलर (करीब 130 से 194 अरब रुपए) का बैठेगा।

सूत्रों के मुताबिक अमेरिका की विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार और मैन्युफैक्चरर को इस फैसले की जानकारी दे दी है। बता दें कि इन गार्जियन ड्रोन्स को कैलिफोर्निया की जनरल ऑटोमिक्स बनाती है।

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रक्षा संबंध मजबूत करने की कोशिश

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, 22 अनआर्म्ड ड्रोन हासिल करने को अमेरिका और भारत के रक्षा संबंध को मजबूत करने की अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

ये रक्षा संबंध ओबामा के वक्त तो काफी आगे बढ़े, लेकिन ट्रम्प के आने के बाद से थोड़े कमजोर हो गए। ट्रम्प ने नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए अपने एशियाई विरोधी चीन से समर्थन मांगा है।

बता दें कि मोदी की विजिट से पहले ट्रम्प चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग से अप्रैल में मिले थे। इसके बाद उन्होंने जापान, ब्रिटेन और वियतनाम के राष्ट्राध्यक्षों से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों ने भारत में इस बात की फिक्र बना दी है कि अमेरिका की प्राथमिकता में अब भारत नहीं है।

पहली बार ऐसी डील

इन सर्विलांस ड्रोन से भारतीय समुद्री सीमा पर नजर रखी जाएगी। ये ऐसी पहली डील है, जो किसी गैर नाटो सदस्य देश के साथ अमेरिका कर रहा है। बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने भारत को अपना अहम रक्षा सहयोगी बताया है। भारत अमेरिकी हथियारों का बड़ा खरीदार भी है।

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डील पर US में सपोर्ट के साथ चिंता भी

सूत्रों के मुताबिक, यूएस स्टेट डिपार्टमेंट में इस बात को लेकर चिंता है कि अगर इस तरह के हाईटेक ड्रोन दिए गए तो साउथ एशिया में अस्थिरता आ सकती है। क्योंकि, यहां हमेशा ही पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बना रहता है, खासतौर से कश्मीर को लेकर।

हालांकि, यूएस सीनेटर जॉन कॉर्नीन और मार्क वार्नर ने मार्च में डिफेंस सेक्रेटरी जेम्स मैटिस और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट रेक्स टिलरसन को लेटर लिखा था। इसमें कहा गया, 1.29 खरब की ये डील यूएस नेशनल सिक्युरिटी इंट्रेस्ट को बढ़ाएगी और साथ ही जॉब्स को भी सुरक्षित रखेगी।

गार्जियन ड्रोन की विशेषताएं

यह एक मानवरहित ड्रोन है

अमेरिकी वायुसेना इस ड्रोन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती है

गार्जियन ड्रोन दो वर्जन में आती है- एक आर्म्ड औऱ दूसरा अनआर्म्ड

यानि गार्जियन ड्रोन से दुश्मनों पर हथियार से अटैक भी किया जा सकता है

फिलहाल भारत को अनआर्म्ड ड्रोन की खेप बेची जा रही है

इस ड्रोन को ग्राउंड से कंट्रोल किया जाता है

गार्जियन ड्रोन रोबोटिक वारफेयर यानि रोबोटिक युद्ध में भी कारगर साबित हुई है

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