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आखिर क्या है डोकलाम विवाद? पढ़ें पूरा माजरा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 28 , 2017 , 14:10 IST | नई दिल्ली

भूटान के पठार में स्थित डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव जारी था, जो अब समाप्त हो गया है। डोकलाम इलाका एक ट्राई जंक्शन (तीन देशों की सीमाएं मिलने वाली जगह) है। चीन यहां सड़क बनाना चाहता है, लेकिन भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे थे। जिसकी वजह से विवाद गहरा गया।

बता दें कि साल 1988 और 1998 में चीन और भूटान के बीच समझौता हुआ था कि दोनों देश डोकलाम क्षेत्र में शांति बनाए रखने की दिशा में काम करेंगे। वहीं साल 1949 में भारत और भूटान के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें मुताबिक भारत अपने पड़ोसी देश भूटान की विदेश नीति और रक्षा मामलों का मार्गदर्शन करेगा। हालांकि साल 2007 में इस मुद्दे पर एक नया समझौता हुआ, जिसमें भूटान के भारत से निर्देश लेने की जरूरत को समाप्त कर दिया और यह वैकल्पिक हो गया।

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वहीं चीन ने दावा किया था कि, डोकलाम में जाने के लिए 1960 से पहले तक भूटान के चरवाहे उसकी अनुमति लेकर ही जाते थे। हालांकि इसका कोई भी सबूत मौजूद नहीं है। भारत ने डोकलाम पर अपना रुख साफ कर दिया कि वह पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है, जिसके बाद भारतीय जवानों ने उस इलाकों में अपने तंबू भी गाड़ लिए।

हालांकि भारत और चीन दोनों ही डोकलाम विवाद को भूलते हुए डोकलाम से पीछे हटने का फैसला लिया है। सोमवार को विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने इस मुद्दें को लेकर लगातार बातचीत की, जिसके बाद अब अहम फैसला लिया गया है।

भारत के सिक्किम, चीन और भूटान के तिराहे पर स्थित डोकलाम पर चीन सड़क निर्माण करने का प्रयास कर रहा था, जिसका भारत ने विरोध कर रहा था। अगर चीन डोकलाम हिस्से में सड़क निर्माण कर लेता तो वो 'चिकन नेक' इलाके में बढ़त ले लेगा, जो भारत के लिए नुकसानदायक होता।

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दरअसल, सिक्किम का मई 1975 में भारत में विलय हुआ था। चीन पहले तो सिक्किम को भारत का हिस्सा मानने से इनकार करता था। लेकिन 2003 में उसने सिक्किम को भारत के राज्य का दर्जा दे दिया। हालांकि, सिक्किम के कई इलाकों को वह अपना बताता रहा है।


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