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डोकलाम पर चीन की धमकियों के बाद भारत का अहम फैसला, बढ़ाई जवानों की तैनाती

अनुराग गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 12 , 2017 , 08:32 IST | नई दिल्ली

डोकलाम विवाद को लेकर भारत-चीन के बीच पिछले दो महीने से चल रहे तनाव के बीच भारत ने सिक्किम, अरुणाचल से लगी चीन सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है।सरकार के मुताबिक, देश की पूर्वी सरहद पर सेना के लिए अलर्ट लेवल बढ़ा दिया गया है। इस मामले पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि सीमा पर तैनात सैनिकों को सावधान रहने को कहा गया है।

दरअसल, यह फैसला डोकलाम पर चीन के अक्रामक रूख को देखते हुए लिया गया है। बता दें कि 1400 किमी लम्बी भारत-चीन सीमा पर सिक्किम से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक तैनात सैनिकों की संख्या में इजाफा करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अधिकारी ने जवानों की संख्या बताने से इनकार कर दिया।

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बता दें कि 16 जून को चीन द्वारा बनाई जा रही सड़क को भारतीय सैनिकों ने रोक दिया था, जिसके बाद से लगातार भारत और चीन के बीच तनाव जारी है। सड़क निर्माण रोके जाने से लेकर अब तक भारत के 350 जवान डोकलाम पर अपनी भूमिका निभा रहे है। इतना ही नहीं चीनी मीडिया लगातार भारत को छेड़ते हुए लेख छाप रहा है और जंगी चुनौतियां दे रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों की माने तो भारतीय सेना के 45 हजार जवान माहौल में ढतने के लिए की जाने वाली एक्सरसाइज पूरी कर चुके हैं। इस प्रोसेस को एक्लीमेटाइजेशन प्रोसेस कहते है। इसका मतलब यह है कि ये सैनिक तैनाती के लिए कभी भी भेजे जा सकते है मगर सभी की तैनाती जरूरी नहीं है। डोकलाम पर भूटान और चीन दावा करते रहे है अब इन दोनों के बीच डोकलाम को लेकर बात चल रही है।

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गौरतलब है कि पिछले दिनों भूटान सरकार ने चीनी विदेश मंत्रालय के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें चीन ने कहा था कि भूटान ने मान लिया है कि डोकलाम उसका हिस्सा नहीं है। भूटान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, हमने चीन को बता दिया है कि डोकलाम हमारे क्षेत्र में आता है और भूटानी क्षेत्र में चीन का सड़क निर्माण सीधी तौर पर 1988 और 1998 के समझौते का उल्लंघन है।


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