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भारत बना रहा ऐसी मिसाइल जिससे तबाह हो जाएगा पूरा चीन: अमेरिका

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 13 , 2017 , 16:42 IST | वॉशिंगटन

अमेरिका के दो परमाणु विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने परमाणु हथियारों के ज़खीरे को लगातार आधुनिक बना रहा है, और परंपरागत रूप से पाकिस्तान को ध्यान में रखकर परमाणु नीति बनाने वाले इस देश का ध्यान अब चीन की तरफ ज़्यादा है।

आफ्टर मिडनाइड के जुलाई-अगस्त अंक में छपे इन दोनों एक्सपर्ट के आर्टिकल में यह भी दावा किया गया है कि भारत एक ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है जो पूरे चीन को अपनी जद में ले सकता है।

हैन्स एम. क्रिस्टेन्सन और रॉबर्ट एस. नॉरिस ने आलेख 'इंडियन न्यूक्लियर फोर्सेज़ 2017' में लिखा है कि भारत के पास अनुमानतः इतना प्लूटोनियम जमा हो गया है, जिनसे वह 150-200 परमाणु हथियार बना सकता है, उसने 120 से 130 परमाणु हथियारों का ही निर्माण किया है।

विशेषज्ञों ने आलेख में दावा किया है कि भारत ने अनुमानतः लगभग 600 किलोग्राम वेपन-ग्रेड (हथियारों में इस्तेमाल किया जाने वाला) प्लूटोनियम तैयार कर लिया है, जो 150-200 नाभिकीय हथियार बनाने के लिए पर्याप्त है, लेकिन सारे प्लूटोनियम को हथियारों में तब्दील नहीं किया गया है।

रिपोर्ट में अग्नि-2 और अग्नि-1 जैसी मिसाइलों को जिक्र किया गया है जो कि 2,000 किलोग्राम के पारंपरिक हथियार ले जा सकती हैं और चीन के पश्चिमी, मध्‍य और दक्षिणी हिस्‍से को निशाना बना सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, "इसका परिणाम यह होगा कि भारत अगले दशक के भीतर खासी नई क्षमताएं पैदा कर लेगा, जिनसे यह भी तय होगा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ परमाणु हथियारों की भूमिका को कैसे देखता है।"

इस बात की ओर ध्यान दिलाते हुए कि भारत लगातार अपने परमाणु हथियारों के ज़खीरे को आधुनिक बनाता जा रहा है, और उसने कई नए परमाणु हथियार सिस्टम विकसित कर लिए हैं, विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के पास इस वक्त सात परमाणु-सक्षम सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें दो विमान, चार ज़मीन पर मौजूद बैलिस्टिक मिसाइलें और एक समुद्र में स्थित बैलिस्टिक मिसाइल शामिल है।

आलेख के अनुसार, "कम से कम चार सिस्टम और विकसित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम भी डायमनिक स्टेज तक पहुंच चुका है, और लम्बी दूरी की ज़मीन और समुद्र से मार करने में सक्षम मिसाइलों को संभवत अगले एक दशक के भीतर तैनात किया जा सकेगा।"

 


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