नेशनल

ख़तरे में भारत की पहली ट्रांसजेंडर सैनिक की नौकरी, नेवी ने की हटाने की सिफारिश

icon कुलदीप सिंह | 0
436
| अगस्त 31 , 2017 , 17:01 IST

भारत की पहली ट्रांसजेंडर सैनिक शाबी को अपनी नौकरी बचाने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है। नेवी ने शाबी को नौकरी से निकलवाने के लिए रक्षा मंत्रालय से सिफारिश की है। शाबी ने नेवी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि, उसे मानसिक रुप से हैरस किया गया और अब उसे मानसिक रुप से बीमार साबित करने की भी कोशिश की जा रही है।

7 साल पहले शाबी ने ईस्टर्न नेवल कमांड का मरीन इंजीनियरिंग विभाग को ज्वॉइन किया था। दरअसल, शाबी पैदाइशी पुरुष था और उसका नाम एमके गिरी था, लेकिन उसने बाद में अपना सेक्स चेंज कराया और महिला बन गया।

शाबी ने एक इंटरव्यू में बताया, नेवी को जब मेरी सेक्स रिअसाइन्मेंट सर्जरी (sex reassignment surgery) के बारे में पता चला, तो उस समय किसी ने इस पर कोई एतराज नहीं जताया था, ना ही किसी ने कोई भेदभाव किया था।

WhatsApp

शाबी ने बताया, मैं पुरुष रूप में असहज महसूस करने लगी थी, लेकिन ट्रांसजेंडर के रूप में बाहर आना बहुत साहस का काम था, इसे जुटाने में मुझे कुछ समय लग गया था और जब मैंने नेवी के डॉक्टरों से इस बारे में मदद मांगी तो उन्होंने मदद करने से साफ इनकार कर दिया।

मैंने काफी इंतजार के बाद 2016 में विभाग में डॉक्टरों से बात की और बाद में मेरे 'जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर' की परेशानी का हल किया गया। मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था, इसलिए मैंने फिर 22 दिनों की छुट्टी ली और दिल्ली में आकर सेक्स रिअसाइन्मेंट सर्जरी कराई।

शाबी ने बताया, मैं सर्जरी कराने के बाद विशाखापट्टनम में नेवी बेस पर काम पर लौट आई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद मुझे वहां यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो गया, जिसके बाद मुझे सेक्स चेंज ऑपरेशन की जानकारी देने पर मजबूर किया गया। सेक्स चेंज कराने के बावजूद भी मुझे मेल वार्ड में सैनिकों के साथ रहने को कहा गया।

नेवी में अपनी नौकरी बचाने के लिए शाबी ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो में पीएम मोदी को खत लिखूंगी और अपनी पेरशानी उनके सामने रखूंगी। शाबी ने कहा, मेरा साहब और क्षमता अभी खत्म नहीं हुई है, मैं अब भी नेवी में काम करने के काबिल हूं। मैं अपनी अपने सामने खड़े दुश्मन को मारने के लिए गोली चला सकती हूं। मैं अपने देश की सेवा करना चाहती हूं, मैं भी उतनी ही भारतीय हूं, जितना अन्य लोग हैं।

Shabi

शाबी ने बताया, मैं इंसाफ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के बारे में सोच रही हूं। आखिर नेवी एक फिट पुरुष को सिर्फ एक ऑर्गन चेंज कराने के बाद अचानक अनफिट करार कैसे दे सकती है?"

बता दें कि, डिफेंस फोर्सेज में ट्रांसजेंडर्स को शामिल करने को लेकर अभी तक भारत में कोई फैसला नहीं किया गया है। वहीं इजरायल, कनाडा, नीदरलैंड, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्वीडर और जर्मनी ने अपनी सेनाओं में ट्रांसजेंडर्स को शामिल करने की इजाजत दे रखी है।


author
कुलदीप सिंह

Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

कमेंट करें