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2018 की शुरुआत में ऐतिहासिक चंद्रयान-2 लॉन्च करेगा ISRO

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 31 , 2017 , 14:05 IST | नई दिल्ली

अंतरिक्ष में इसरो एक के बाद एक कामयाबी की उड़ाने भर रहा है। भारत 2018 की शुरुआत में ही चांद पर दो यान भेजने की तैयारी में है। इन 2 यानों में एक चंद्रयान-2 जो कि इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाजेशन) द्वारा भेजा जाएगा। चंद्रयान-2, चंद्रयान 1 से पहले के मुकाबले कई गुना बेहतर होगा। चंद्रयान-2 का मुख्य मकसद नीचे तक चांद की सतह की जांच करना होगा। इसके अलावा दूसरा यान इंडस टीम के द्वारा भेजा जाएगा। इंडस टीम अंतरिक्ष उत्साही लोगों का एक ग्रुप है जो कि वैश्विक चंद्र प्रतियोगिता के तहत भारत का तिरंगा चांद की सतह पर फहराना चाहता है।

टीम इंडस का यह मिशन ग्लोबल लूनर कॉम्पिटिशन का हिस्सा है। यह गूगल के लूनर XPRIZE ग्लोबल कॉम्पिटिशन के तहत किया जा रहा है जिसका प्राइज मनी 3 मिलियन डॉलर (करीब 192 करोड़ रुपये) है। इस प्रतियोगिता में टीम को चांद की जमीन पर 500 मीटर तक का चक्कर लगाना है। और चांद से पृथ्वी तक एचडी तस्वीरें भेजनी हैं।

इंडस टीम की सभी बेसिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कई लोग मदद कर रहे हैं। इनमे इंफोसिस के सह संस्थापक और पूर्व यूआईडीएआई अध्यक्ष नंदन निलेकणी, अंतरिक्ष विशेषज्ञ व इसरो के पूर्व चेयरमैन के. कस्तूरिंगन जैसे और भी कई लोग शामिल हैं। निलेकणी ने कहा कि टीम इंडस बड़ा ही साहस भरा काम कर रही है व मुझे लगता है टीम इंडस चांद पर इस मिशन को जरूर पूरा करेगी।

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इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने टीम इंडस को पीएसएलवी सर्विस मुहैया कराने की जानकारी देते हुए बताया, 'टीम इंडस ने इसरो के कमर्शल कंपनी ऐंट्रिक्स के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।' दोनों मिशन का अंतर समझाते हुए किरण कुमार ने बताया, 'दोनों मिशन तकनीकी और वैज्ञानिक रूप से अलग हैं। दोनों स्पेसक्राफ्ट में यूज होने वाले सामान भी पूरी तरह से अलग हैं।