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MP में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है 1962 के युद्ध का गलत इतिहास

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 10 , 2017 , 13:36 IST | मध्य प्रदेश

डोकलम में जहां भारत और चीन के सैनिक आमने- सामने डटे हैं। चीन अपनी मीडिया के ज़रिये भारत को धमकी दे रहा है। इससे पहले 1962 में चीन और भारत के बीच युद्ध हुआ था जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन मध्यप्रदेश में आठवीं क्लास की संस्कृत की किताब में इस इतिहास को लेकर छेड़छाड़ की गई है। किताब में बताया गया है कि 1962 की जंग भारत ने जीत ली थी।

दरअसल, मध्यप्रदेश में आठवीं क्लास की संस्कृत की किताब में 1962 में चीन और भारत के बीच हुए युद्ध में यह बताया गया है कि उस लड़ाई में भारत की जीत हुई थी, और यह किताब CBSE से जुड़े स्कूलों में पढ़ाई भी जा रही है।
छात्रों को गलत इतिहास की जानकारी किताब के आठवें चैप्टर में दी जा रही है जिसका नाम है 'श्री जवाहरलाल नेहरू'। चैप्टर में नेहरू की उपलब्धियों को गिनाते हुए लिखा गया है कि कैसे भारत के पहले प्रधानमंत्री ने चीन के भारत पर आक्रमण के बाद सेना का मनोबल बढ़ाया।

इस आठवीं क्लास की संस्कृत की किताब में लिखा गया है कि, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में भारत की सेना ने चीन को हराया था। नेहरू के कार्यकाल में चीन ने भारत पर हमला किया था, लेकिन नेहरू की कोशिशों से हमने चीन को हरा दिया था।’

लखनऊ के कृति प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित इस किताब को 5 लेखकों ने लिखा है जिसमें प्रफेसर उमेश प्रसाद रस्तोगी और व्याकरण विशेषज्ञ सोमदत्त शुक्ला भी शामिल हैं। इन दोनों लेखकों का निधन हो चुका है। बाकी के तीन लेखक हैं- मधु सिंह, ललिता सेंगर और निशा गुप्ता।

किताब के प्रकाशक से कई बार संपर्क के प्रयास किए गए लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। स्कूली किताब में गलत जानकारी दिए जाने से शिक्षकों और अभिभावकों में आक्रोश है। मध्य प्रदेश पैरंट्स असोसिएशन के सेक्रटरी प्रबोध पांड्या ने कहा कि वे लोग बार-बार सरकार से निजी प्रकाशकों की किताबों को स्कूलों में न चलाने की गुजारिश कर चुके हैं, लेकिन सरकार नहीं सुनती।


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