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हथियारों के साथ जवानों की कमी से भी जूझ रही हैं तीनों सेनाएं- CAG

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 29 , 2017 , 17:19 IST | नई दिल्ली

भारतीय सेना में सिर्फ गोले-बारुद की ही नहीं बल्कि 52 हज़ार से अधिक फ़ौजियों की भी कमी है। लोकसभा में रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि तीनों सेना में कुल 50 हजार से ज्यादा जवानों की कमी है। रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त में आया है कि जब सीमा पर तनाव बरकार है। रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने लोकसभा में कहा कि सेना की तीनों शाखाओं में 52 हजार से ज्यादा सैनिकों की कमी है। सबसे ज्यादा भारतीय सेना में 25,472 जवानों की कमी है, इसके अलावा वायुसेना में 13,785 और नौसेना 13,373 में भी जवानों की कमी है। इस समय सेना में कुल लगभग 14 लाख जवान है।

भामरे ने बताया कि सरकार ने सुरक्षा जवानों की कमी को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि, निरंतर छवि निर्माण, स्कूलों में प्रेरक व्याख्यान, करियर संबंधी मेले और प्रदर्शनियों में भागीदार और सशस्त्र सेनाओं में चुनौतीपूर्ण करियर का फायदा उठाने के प्रति युवाओं को जागरुक करने के लिए प्रचार अभियान शामिल हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले कैग की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारतीय सेना के पास युद्ध की स्थिति में लड़ने के लिए सिर्फ 10 दिनों का गोला-बारुद है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुल 152 तरह के गोला-बारुद में से सिर्फ 20 फीसदी का ही स्टॉक संतोषजनक है। बता दें कि इससे पहले सेना को 40 दिनों तक युद्ध लड़ने लायक गोला-बारुद रिजर्व रखना होता था। जिसे 1990 में घटाकर 20 दिन कर दिया था।


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