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भारतीय नौसेना को मिली अटैक सबमरीन खंडेरी, जानिये सभी खूबियां

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 13 , 2017 , 12:35 IST | मुंबई

प्रोजेक्ट 75I के तहत भारत स्वदेशी तकनीक वाली 6 स्कॉर्पीन क्लास की पनडुब्बियां तैयार करेगा। 2014 में DAC से मिली हरी झंडी के बाद भारत सरकार ने 53,000 करोड़ के भारी भरकम बजट को पास किया था। प्रोजेक्ट 75I की सभी 6 पनडुब्बियां डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली अटैक पनडुब्बियां हैं।

गुरूवार को भारत की नौसेना को और मजबूत करने के लिए प्रोजेक्ट 75I स्कॉर्पीन क्लास की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी लॉन्च हुई। मुम्बई के मझगांव डॉक लिमिटेड में भारत के रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा, “मुझे विश्वास है कि वह दिन दूर नहीं जब MDL दूसरे देशों के लिए भी सबमरीन बनाएगा।”

बता दें कि स्कॉर्पीन सीरीज की पहली पनडुब्बी ‘कलवरी’ को पहले ही लॉन्च कर दिया गया था, जिसका अभी ट्रायल चल रहा है। ‘कलवरी’ जून 2017 तक नेवी में शामिल हो जाएगी। खंडेरी का दिसंबर तक ट्रायल चलेगा। इसके बाद इसे भारतीय नौसेना में आईएनएस खंडेरी के नाम से शामिल किया जाएगा।

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देखिए आईएनएस खंडेरी की जबरदस्त ताकत-


*आईएनएस खंडेरी में वर्टीकल लॉन्चिंग सिस्टम है जो दुनिया के सबसे तेज़ मिसाइल            "ब्रह्मोस" को दागने के लिए बनाया गया है।
*खंडेरी स्टेल्थ तकनीक वाली पनडुब्बी है जिसे पानी में गोता लगते हुए ट्रैक करना बहुत ही       मुश्किल हो जाता है।
*पनडुब्बी में लगाई गई नई टेन्साईल स्ट्रेंथ वाली स्टील इसे ज्यादा गहराई में जाने के काबिल     बनाती है।
*डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन की वजह से खंडेरी पानी के अंदर लंबे समय तक गोता लगा सकती है।
  पानी के अंदर और बाहर मारक क्षमता रखने वाले टॉरपीडो भी खंडेरी में लगाई गई हैं।
*भारत की सभी पनडुब्बियों में प्रोजेक्ट 75I की पनडुब्बियां कम आवाज़ उत्पन्न करेंगी जिससे   सोनार टेक्नोलॉजी इसे पकड़ नहीं पाएगी।
*किसी भी अत्याधुनिक सबमरीन की तरह ही खंडेरी कई तरह के मिशन (एंटी सरफेस और एंटी  सबमरीन, खुफिया सूचनाएं जुटाना, माइन बिछाना, इलाके की निगरानी आदि ) को अंजाम    देने के लिए बनाई गई है।
*इसे 'मेक इन इंडिया' के तहत फ्रांस की DCNS की मदद से बनाया गया है।

वीडियो में देखिए क्या है प्रोजेक्ट 75I-