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भारतवंशी प्रोफेसर ने किया गले के कैंसर पर शोध, मिले 52.73 करोड़ रुपये

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 5 , 2017 , 19:31 IST | वाशिंगटन

भारतवंशी निशा डी सिल्वा ने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। निशा डी सिल्वा को प्रतिष्ठित सस्टेनिंग आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट इन रिसर्च (एसओएआर) अवार्ड से नवाज़ा गया है। निशा को यह अवार्ड गले और सिर के जानलेवा कैंसर की रोकथाम में शोध के लिए दिया गया। इस अवार्ड के तहत शोध कर रहे शख्स को 52.73 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाती है।

सिल्वा को यह राशि उस शोध के लिए दी गई जिसमें वह कैंसर मरीजों के जीवित रहने की दर में इजाफा करने पर काम कर रही हैं। अमेरिका के मिशिगन विवि में शोध कर रहीं निशा का लक्ष्य कैंसर का इलाज ढूंढ़ना है। उनके शोध में मिली जानकारियों के बाद कैंसर के इलाज के नए तरीके खोजे जा सकेंगे।

मिशिगन विवि के स्कूल ऑफ डेंटिस्ट्री की लाउरी मैक कॉले ने कहा, 'डॉ डी. सिल्वा को मिली इस सहायता के बाद वह कैंसर से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब तलाश पाएंगी।' मालूम हो कि गले और सिर के कैंसर से हर साल छह लाख नए मरीज ग्रसित होते हैं। सालों इलाज चलने के बावजूद इसके मरीजों में से आधे की जान चली जाती है। एसओएआर उन शोधकर्ताओं को राशि उपलब्ध कराता है जिनके शोध का अच्छा परिणाम देखने को मिला है।


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