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भारतीय रेलवे ने रचा इतिहास, महज 7 घंटे में 100 साल पुराना पुल तोड़कर बनाया नया

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 5 , 2018 , 14:19 IST | मुरादाबाद

देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेल ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रेलवे ने महज 7 घंटे 20 मिनट में नया पुल बनाकर इतिहास रचा है। रेलवे ने इस नए पुल के बनते ही इस पर सफलतापूर्वक ट्रेन भी गुजारी।

नजीबाबाद-मुरादाबाद के बीच बुंदकी स्टेशन के पास डाउन लाइन पर सौ साल से अधिक पुराने जर्जर पुल को बनाकर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने काबिल-ए-तारीफ काम किया है। रेलवे की टीम ने सात घंटे में पुराने पुल को तोड़कर उसकी जगह नया पुल बनाया।

मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि सात घंटे में पुराने पुल को तोड़कर नए पुल का निर्माण करने पर टीम बधाई की पात्र है। अब बुंदकी के पास ट्रेनें सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। नजीबाबाद-मुरादाबाद के बीच बुंदकी स्टेशन के पास डाउन लाइन पर पुल सौ साल से अधिक पुराना हो गया था। जर्जर भी था। पुल से धीमी गति से ट्रेनें गुजारी जा रही थीं।

नया पुल बनाने का कारनामा रेलवे के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर पारितोष गौतम और उनकी टीम ने किया। पारितोष अपनी टीम के साथ 3 जनवरी को सुबह 9.35 बजे साइट पर पहुंचे। 1.24 बजे तक पुल को तोड़कर उसका मलबा हटा लिया गया। 3.05 बजे तक पुल का ढांचा तैयार कर दिया गया। 5.15 बजे तक नया पुल बनकर तैयार हो चुका था। पुल को बनाने में फेब्रीकेटेड मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया। फेब्रीकेटेड मेटेरियल पहले से तैयार किए गए सामान को कहते हैं। इसके तहत पुल का ढांचा पहले से तैयार कर लिया जाता है और फिर उसे सेट कर दिया जाता है।

पुल के निर्माण के दौरान लक्सर-मुरादाबाद के बीच रेल सेवाएं बाधित रहीं। कई गाड़ियों के रूट बदले गए तो कुछ को रद्द कर दिया गया। पुल जब बनकर तैयार हो गया तो सबसे पहले लिंक एक्प्रेस को गुजारा गया। ट्रेन की गति धीमी रखी गई। लिकं एक्सप्रेस देहरादून से इलाहाबाद के लिए चलती है। इसके बाद ट्रेनें पुल से गुजरने लगीं। रेलवे के डिवीजनल मैनेजर अजय कुमार सिंघल ने बताया कि इस काम में 70 लोग लगे थे। उन्होंने पुल के सफलतापर्वक निर्माण के लिए सभी को बधाइयां दीं।

 


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