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मोदी-ट्रंप मुलाकात का असर, US के 53 एयरपोर्ट पर भारतीयों की एंट्री अब आसान

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 4 , 2017 , 17:45 IST | वाशिंगटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा का असर अब दिखने लगा है। डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच हुई वार्ता का ही नतीजा है कि अमेरिका के 53 एयरपोर्ट पर भारतीय यात्रियों की एंट्री आसान कर दी गई है। अमेरिका ने भारत समेत कुछ देश के यात्रियों को कम जोखिम वाले ट्रैवलर्स का दर्जा दिया है। इस सुविधा के तहत भारतीय ट्रैवलर्स अब ऑटोमेटिक कियोस्क के जरिये सीधे अमेरिका के चिन्हित एयरपोर्ट में आसानी से एंट्री कर सकते हैं।

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जानिए किन-किन देश के यात्रियों को मिला है यह दर्जा

अब तक यह सुविधा सिर्फ अमेरिकी नागरिक, ग्रीन कार्ड होल्डर्स के अलावा अर्जेंटीना, कोलम्बिया, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड, पनामा, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन के लोगों को मिलती है।

नवतेज सरना छूट पाने वाले पहले भारतीय

अमेरिका में भारतीय उच्चायुक्त नवतेज सरना इस प्रोग्राम में एनरोल होने वाले पहले भारतीय बने हैं। उन्हें सोमवार को एयरपोर्ट पर यह सुविधा मिली।

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भारत यह सुनिधा और दर्जा पाने वाला 11वां देश

इसके साथ ही भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जिन्हें अमेरिका में यह सुविधा और दर्जा हासिल हुआ है। भारत ऐसा 11वां देश बन गया है जिसके नागरिक कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की इस पहल में एनरोल होने के काबिल हैं।

क्या है यह सुविधा और दर्जा

अमेरिका के कुछ चिन्हित एयरपोर्ट्स पर उतरने के बाद इस सुविधा के तहत यात्रियों को आटोमेटिक कियोस्क के जरिये सीधे एंट्री मिलती है

इमिग्रेशन अफसर से मिलने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ता और न ही उसके सवालों का सामना करना पड़ता है

अमेरिका में ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के दायरे कुल 53 एयरपोर्ट और 15 प्री-अप्रूवल लोकेशन इसमें शामिल हैं

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प्रोग्राम में शामिल देश के लोगों को इन एयरपोर्ट पर ग्लोबल एंट्री कियोस्क के जरिये आगे बढ़ना होता है

उन्हें अपना पासपोर्ट या यूएस का परमानेंट रेसीडेंट कार्ड दिखाना होता है

फिंगरप्रिन्ट वैरिफिकेशन के लिए अपने फिंगरप्रिन्ट्स देने पड़ते हैं और कस्टम डिक्लरेशन पूरा करना पड़ता है

इसके बाद कियोस्क यात्री को ट्रांजैक्शन की रसीद जारी करता है और उसे उसके सामान लेने और बाहर जाने को कहता है

सुविधा हासिल करने के लिए आवेदकों को देना होता है इंटरव्यू

CBP वेबसाइट के मुताबिक यात्रियों को ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के लिए पहले से इजाजत होती है। सभी एप्लिकांट्स के बैकग्राउंड की सख्त जांच की जाती है और एनरोलमेंट से पहले इंटरव्यू से गुजरना पड़ता है। यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के एक्टिंग कमिश्नर केविन मैकएलीनन ने कहा, CBP इंडियन सिटीजंस को अपनी प्रमुख भरोसेमंद यात्री प्रोग्राम की पेशकश को लेकर उत्साहित है।


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