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भंवरी केस में 6 साल से फरार इंदिरा विश्नोई गिरफ्तार, बचने के लिए बन गई थी संन्यासी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 3 , 2017 , 18:21 IST 123

राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड में सालों से फरार आरोपी इंदिरा विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया है। इंदिरा को राजस्थान पुलिस की एटीएस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। वह बीते छह साल से फरार थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल पाटीदार ने बताया कि भंवरी देवी हत्याकांड मामले की आरोपी इंदिरा को मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से शुक्रवार रात नेमावर के पास गिरफ्तार कर लिया गया। इंदिरा को भगोड़ा घोषित कर उस पर पांच लाख रूपये का ईनाम रखा गया था।

इंदिरा मध्य प्रदेश के देवास जिला मुख्यालय से लगभग 150 किमी दूर नर्मदा नदी के किनारे नेमावर में ठिकाना बना कर रह रही थी। उसके एक समर्थक ने उसे अपने यहां पनाह दे रखी थी। जानकारी के अनुसार, इंदिरा मोबाइल फोन और एटीएम का उपयोग भी नहीं कर रही थी ताकि पुलिस को उसका सुराग न मिल सके। इंदिरा ने यहां अपना नाम बदलकर गीताबाई रख लिया था। गीताबाई बन चुकी इंदिरा दिखावे के लिए नर्मदा के तट पर बने एक आश्रम में पूजा-पाठ के लिए आती थी। इंदिरा वहां कथित संन्यासी बन गई थी।

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(इंदिरा विश्नोई)

भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपी पूर्व कांग्रेस विधायक मलखान सिंह की बहन इंदिरा को सीबीआई काफी समय से तलाश रही थी। उसकी सूचना देने वाले को इनाम देने का एलान भी किया गया था। शनिवार को इंदिरा बिश्नोई मध्य प्रदेश के देवास जिले में एटीएस के हत्थे चढ़ गई।

इंदिरा विश्नोई वहीं औरत हैं जिसने भंवरी देवी को सीडी के सहारे ब्लैकमेल करना सीखाया था। भंवरी देवी हत्याकांड में कांग्रेस के दो पूर्व विधायक महिपाल सिंह और मलखान सिंह आरोपी हैं। महिपाल सिंह तत्कालीन गहलोत सरकार में मंत्री थे। लेकिन इस हत्याकांड का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। एटीएस ने इंदिरा को जोधपुर में सीबीआई टीम के हवाले कर दिया है।

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(भंवरी देवी फाइल फोटो)

आपको बता दें कि भंवरी देवी का ताल्लुक राजस्थान की नट बिरादरी से था। वह जोधपुर के नजदीक पैनन कस्बे के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नर्स काम करती थी। उसकी शादी हो चुकी थी पर मॉडलिंग और राजस्थानी एल्बम को सीढ़ी बना कर वह राजस्थानी फिल्मों की हीरोईन बनने का सपना पाले बैठी थी। लिहाजा अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए वह कुछ भी कर सकती थी। गांव के अस्पताल में वही नर्स थी और वो भी ड्यूटी से गायब रहती थी। लिहाजा गांव वालों की शिकायत पर भंवरी देवी को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।

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(फाइल फोटो भंवरी देवी और महिपाल मदेरणा)

इसके बाद वह कांग्रेस विधायक मलखान सिंह और महिपाल सिंह के संपर्क में आई थी। उन दोनों को भंवरी ने विश्वास में ले लिया था। उन दोनों ने ही भंवरी को राजस्थान के जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा से मिलवाया था, बस वहीं से इस हत्याकांड की इबारत लिखनी शुरू हो गई थी।

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(भंवरी देवी फाइल फोटो)


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