नेशनल

आम्रपाली के घर खरीदारों को बड़ा झटका, दिवालिया घोष‍ित करने की प्रक्रिया मंजूर

ललिता सेन, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
257
| अक्टूबर 4 , 2017 , 18:59 IST | नई दिल्ली

संकट में फंसी रियल्टी कंपनी आम्रपाली ग्रुप के अल्ट्रा होम्स के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की अर्जी को मंजूरी दे दी है। ग्रुप के कई प्रोजेक्ट्स और उस ग्रुप से जुड़ी अन्य कंपनियों के प्रोजेक्ट्स पर इसका असर पड़ सकता है।

संजय गुप्ता को इनसॉल्वेंसी रेजॉलूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) के तौर पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) आम्रपाली इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दिवालिया घोषि‍त शुरू करने की अर्जी मंजूर कर चुका है।

बता दें कि, आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ ये याचिका बैंक ऑफ बड़ौदा ने दाखिल की थी। आम्रपाली इंफ्रास्ट्रक्चर ने बैंक ऑफ बड़ौदा के 97.30 करोड रुपये के लोन पर डिफॉल्ट किया था।

Amrapali

वहीं, जे पी इंफ्रा भी खुद को दिवालिया करार दिए जाने की कोशिश में जुटी है। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को 2000 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया है और इसके लिए कंपनी को 27 अक्टूबर तक की मोहल्लत दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने जे पी इंफ्रा के एमडी सहित सभी निदेशकों के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी है और कहा है कि जरूरी होने पर ही कोर्ट से विदेश यात्रा के लिए इजाजत लें। सुप्रीम कोर्ट ने जे पी इंफ्राका के खिलाफ सख्त रुख बरकरार रखते हुए कहा कि कंपनी बंगाल की खाड़ी में डूबती है तो डूब जाए, हमें सिर्फ घर खरीदारों की फिक्र है।

Jpinfra

गौरतलब है कि, सितंबर में आम्रपाली बिल्डर्स के खिलाफ निवेशकों ने जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा, डायरेक्टर मोहित गुप्ता और शिव प्रिय के खिलाफ एफआईआर दर्ज है।

आम्रपाली ग्रुप अपने अधिकतर निवेशकों से फ्लैट की 80 से 90 फीसदी रकम वसूल चुका है लेकिन 7 साल बीत जाने के बाद भी ग्रुप का कोई प्रोजेक्ट तैयार नहीं हो पाया है। आम्रपाली बिल्डर्स पर नोएडा अथॉरिटी के साथ-साथ बैंकों का भी काफी पैसा बकाया है।


कमेंट करें

अभी अभी