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जिसकी आवाज़ को AIR ने नकार दिया, वो बना हिन्दुस्तान का 'शहंशाह'। 10 कहानियां

आरती यादव, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 11 , 2017 , 16:16 IST | मुंबई

बुधवार को बॉलीवुज के महानायक का 75वां जन्मदिन है। अपनी दमदार आवाज और अभिनय के दम पर दर्शकों को अपना दीवाना बनाने और हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के 'शहंशाह' कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन का 11 अक्टूबर 1942 को हुआ था। उनकी कड़ी मेहनत ने आज उन्हें उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा। एक वक्त ऐसा था जब अमिताभ बच्चन को ऑल इंडिया रेडियो ने यह कहकर निकाल दिया था कि आपकी आवाज रेडियो के काबिल नहीं है, आज उन्हीं बच्चन को हिन्दुस्तान उनकी आवाज के लिए जानता है। उन्हें शंहशाह कहकर पुकारता है।

आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनसे जुड़ी कुछ खास बातें 

1. 800 रुपये वेतन से की शुरुआत

11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में जन्में अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की शुरुआत कोलकत्ता में बतौर सुपरवाइजर की जहां उन्हें 800 रुपये मासिक वेतन मिला करता था। साल 1968 मे कलकत्ता की नौकरी छोड़ने के बाद मुंबई आ गये।  बचपन से ही अमिताभ बच्चन का झुकाव अभिनय की ओर था और दिलीप कुमार से प्रभावित रहने के कारण वह उन्हीं की तरह अभिनेता बनना चाहते थे।

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2. पहली फिल्म सात हिन्दुस्तानी

साल 1969 मे अमिताभ बच्चन को पहली बार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म 'सात हिन्दुस्तानी' में काम करने का मौका मिला लेकिन इस फिल्म के असफल होने के कारण वह दर्शकों के बीच कुछ खास पहचान नही बना पाये।

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3. महत्वपूर्ण फिल्म 'जंजीर'

निर्माता प्रकाश मेहरा की फिल्म 'जंजीर' अमिताभ बच्चन के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेता अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में अमिताभ बच्चन को काम करने का मौका सौभाग्य से ही मिला।

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4. एंग्री यंग मैन से जाने गए

फिल्म जंजीर की सफलता के बाद अमिताभ बच्चन की गिनती अच्छे अभिनेता के रूप में होने लगी और वह फिल्म इंडस्ट्री में 'एंग्री यंग मैन' कहे जाने लगे। साल 1975 में यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 'दीवार' ने अमिताभ की पिछली सभी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए और 'शोले' की सफलता के बाद तो उनके सामने सारे कलाकार फीके पड़ने लगे और अमिताभ फिल्म इंडस्ट्री मे सुपर स्टार के शहंशाह पर जा बैठे।

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5. राजनीति में की शुरुआत

साल 1984 मे अपने मित्र राजीव गांधी के आग्रह पर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और इलाहाबाद से सांसद का चुनाव लड़े तथा सांसद के रूप में चुन लिये गये लेकिन अमिताभ बच्चन को अधिक दिनों तक राजनीति रास नहीं आई और तीन वर्ष तक काम करने के बाद उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। इसकी मुख्य वजह यह थी कि उनका नाम उस समय बोफोर्स घोटाले में खींचा जा रहा था।

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6. सात बार मिला फिल्म फेयर 

अमिताभ बच्चन को सात बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजा गया। अमिताभ ने कई फिल्मों में गीत भी गाये है। उन्होंने सबसे पहले साल 1979 मे प्रदर्शित फिल्म मिस्टर नटवर लाल में 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गीत गाया  था।

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7. जब अमिताभ ने दी मौत को मात

सुपर स्टार के रूप मे अमिताभ बच्चन किस उंचाई पर पहंच चुके थे इसका सही अंदाज लोगों को तब लगा जब 1982 में निर्माता -निर्देशक मनमोहन देसाई की फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद लगभग मौत के मुंह मे पहुंच गए थे। इसके बाद देश के हर मंदिर, मस्जिद और गुरुदारे में लोगो ने उनके ठीक होने की दुआएं मांगी मानो अमिताभ बच्चन उनके ही अपने परिवार का कोई अंग हो। लोगो की दुआएं रंग लाई और अमिताभ जल्द ही ठीक को गये।

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8. शादी के बाद ही जया को विदेश ले जा सके

अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी की शादी फिल्म 'अभिमान' के रिलीज़ होने से एक महीना पहले हुई थी। फिल्म 'ज़ंजीर' की शूटिंग के दौरान सभी कलाकारों और क्रू सदस्यों ने फिल्म के हिट होने की स्थिति में विदेश घूमने का कार्यक्रम बनाया था। 

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चूंकि यह अमिताभ और जया की एक साथ पहली विदेश यात्रा थी, इसलिए अमिताभ ने अपने पिता हरिवंशराय बच्चन से विदेश जाने की अनुमति मांगी, उन्होंने सवाल किया कि क्या जया भी उनके साथ जाएंगी, जब अमिताभ ने जवाब में 'हां' कहा, तो उन्हें देश छोड़ने से पहले विवाह कर लेने का आदेश दिया। तब अमिताभ शादी के बाद ही जया को विदेश ले जा सके।

9. जब रेखा को लेकर घर में काफी हंगामा मचा

1978 में अमिताभ और रेखा की नजदीकियों की खबरें अखबारों और फिल्मी मैगजीन्स की सुर्खियां बनने लगीं थीं। इस बात को लेकर अमिताभ के घर में भी काफी हंगामा रहा। कहते हैं रेखा दिल ही दिल में अमिताभ को चाहती थीं लेकिन अमिताभ हमेशा इस रिश्ते को लेकर चुप रहे। 

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वहीं रेखा कभी किसी शादी में मांग में सिंदूर भरकर तो कभी अपनी मां बनने की अफवाहें उड़ाकर सनसनी फैलाती रहीं। जिस समय अमिताभ और रेखा के अफेयर की खबरें जोरों पर थीं उस समय इन खबरों से परेशान होकर जया बच्चन ने रेखा को डिनर पर भी बुलाया था।

10. जब बॉलीवुड के शंहशाह हो गए थे दिवालिया

1996 में अमिताभ बच्चन ने ‘अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड’ की शुरुआत की थी। लेकिन इस बैनर की पहली फिल्म गुलाबी बुरी तरह पिट गई। इसी दौरान बच्चन की कंपनी ने बेंगलुरु में हुए मिस इंडिया ब्यूटी कॉन्टेस्ट के इवेंट मैनेजमेंट का जिम्मा लिया और करोड़ो रुपए खर्च किए गए, लेकिन इस इवेंट से कोई कमाई नहीं हो पाई। इसके चलते बिग बी के ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ गया था और वह लोगों को बकाया नहीं चुका पाए थे।

यही नहीं उनकी कंपनी के खिलाफ कानूनी मुकदमे भी चले है। यहां तक बैंक ने लॉन वसूली के लिए उन्हें ढेर सारे नोटिस भेजे थे और अमिताभ को अपना बंगला ‘प्रतीक्षा’तक गिरवी रखना पड़ा था। इसके बाद करीब 14 मिलियन डालर के कर्ज में डूबी एबीसीएल को " बीमार" घोषित कर दिया गया। संकट के इस दौर में बच्चन अपने दर पर आने वाले किसी काम को नहीं ठुकराया। अमिताभ ने घरवालों की नाराजगी की परवाह किए बगैर केबीसी को होस्ट बनने का फैसला किया

 यहां देखिए अमिताभ बच्चन के मशहूर डायलॉग


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