नेशनल

इंटरनेशनल कोर्ट में पाक की बोलती बंद, जाधव की फांसी पर रोक, जासूसी का दावा सही नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
221
| मई 18 , 2017 , 16:30 IST | हेग

पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव मामले में भारत की बड़ी जीत हुई है। इंटरनेशनल कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की फांसी की सज़ा पर रोक लगा दी है। इंटरनेशनल कोर्ट ने कहा कि जब तक कोर्ट अपना आखिरी फैसला नहीं सुना देता है जाधव को फांसी नहीं दी सकती है। 

इंटरनेशनल कोर्ट के जज जस्टिस रोनी अब्राहम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि उसे जासूस बताने वाला पाकिस्तान का दावा सही नहीं माना जा सकता। पाकिस्तान ने अदालत में जो भी दलीलें दीं, वे भारत के तर्क के आगे कहीं नहीं ठहरती हैं। कोर्ट ने कहा कि वियना संधि के तहत भारत को कुलभूषण जाधव तक काउंसलर एक्सेस मिलना चाहिए।

अब्राहम ने कहा कि जाधव की गिरफ्तारी विवादित मुद्दा है। अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगी रहनी चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि पाकिस्तान जाधव के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई ना करे और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।

55565-sgrjmavzlg-1491901152

कोर्ट ने पाकिस्तान की उस दलील को भी ठुकरा दिया जिसमें उसने कहा था कि भारत को कुलभूषण मामले को आईसीजे में लाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि विएना संधि जासूसों, आतंकवादियों तथा जासूसी से जुड़े लोगों पर लागू नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि वियना संधि के तहत जाधव को सहायता मिलनी चाहिये थी।

 ICJ ने अपने फैसले में कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ने वियना संधि पर हस्ताक्षर किया है। जाधव मामले में अंतिम निर्णय आने तक जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए और किसी भी तरह की दुर्भावना की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। भारत ने वियना संधि के तहत ही ICJ में अपील की थी। भारत की विएना संधि के तहत मांग जायज है। इस संधि के तहत भारत को अपने नागरिक के पास पहुंच का अधिकार है।

55080392

46 वर्षीय पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोपों में मौत की सजा सुनाई थी।

 


कमेंट करें