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फेसबुक पर बोलीं IPS चारु निगम, 'मेरे आंसुओं को मेरी कमजोरी न समझना'

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 8 , 2017 , 16:01 IST | गोरखपुर

यूपी के गोरखपुर में रविवार को बीजेपी विधायक की फटकार के बाद आईपीएस अफसर चारू निगम की आंख में आंसू आ गए थे। इसके बाद उन्होंने मीडिया के पॉजिटिव सपोर्ट को थैंक यू कहते हुए फेसबुक पर लिखा है-

मेरे आंसुओं को मेरी कमजोरी न समझना, कठोरता से नहीं कोमलता से अश्क झलक गए।" मेरी ट्रेनिंग ने मुझे कमजोर पड़ना नहीं सिखाया...


"मेरे आंसुओं को मेरी कमजोरी न समझना, कठोरता से नहीं कोमलता से अश्क झलक गए। महिला अधिकारी हूं, तुम्हारा गुरूर न देख पाएगा, सच्चाई में है जोर इतना, अपना रंग दिखलाएगा।'

 
मेरी ट्रेनिंग ने मुझे कमजोर पड़ना नहीं सिखाया। मुझे उम्मीद नहीं थी कि एसपी सिटी गणेश साहा सर, BJP विधायक की तर्कहीन बातों को अस्वीकार कर देंगे और मेरी चोट के बारे में बात करेंगे। सर के आने से पहले, वहां मैं ही सीनियर अधिकारी थी, लेकिन जब वो आए, तो मैं उनके पीछे खड़ी हो गई और इमोशनल हो गई।


गोरखपुर मीडिया ने इस पूरे मामले को जिस तरह से उठाया, वो उनकी सकारात्मकता को दिखाता है। मैं आभारी हूं।

 


"मेरा मानना है कि अच्छा, अच्छा ही होता है और इसलिए मुझे मीडिया का समर्थन मिला है। कृपया शांत रहिए! मैं ठीक हूं और थोड़ा सा हर्ट हुई हूं। चिंता करने वाली कोई बात नहीं है।"

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ये था पूरा मामला


मामला गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के कोइलहवा गांव का था। यहां रविवार को कच्ची शराब के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। इसे खुलवाने पहुंचीं सीओ गोरखनाथ चारू निगम और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई।
आरोप है, ग्रामीणों ने पुलिस पर डंडे और पत्थर बरसा दिए थे, जिसमें चारू निगम को चोटें आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाम खुलवाया था। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में पहुंचे बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने दोबारा सड़क जाम कर दी।
उन्होंने चारू को फटकार लगाते हुए कहा था,

इसकी भाषा देखिए, कैसे ये चिल्लाकर हमसे बात कर रही है। देख रहे हैं इसकी बदतमीजी वाली भाषा... आप चुप रहो, यहां एसडीएम साहब खड़े हैं, मैं उनसे बात कर रहा हूं। चुप रहिए आप, आपसे बात मैं नहीं कर रहा हूं। मुझे नियम न बताओ तुम। मैंने बताया न, बर्दाश्त के बाहर मत जाओ। मैं इससे बात नहीं करूंगा, इसके अधि‍कारी को बुलाइए।


इसके जवाब में आईपीएस चारू बोलीं,

मैं भी इस क्षेत्र की क्षेत्राधि‍कारी हूं और जो लॉ एंड ऑर्डर आपने बिगाड़ रखा है। उसी के संबंध में आपसे बात करने आई हूं।


ये सब सुनकर कैमरे के सामने ही आईपीएस की आंख में आंसू आ गए। वे कई बार आंसू पोंछते नजर आईं।


विधायक ने मामले ने दी सफाई


विधायक राधामोहन दास अग्रवाल ने सफाई देते हुए कहा कि वो जनता के बुलाने पर वहां गए थे। उस इलाके में काफी दिनों से शराब को लेकर लोगों का गुस्सा था। शराब की दुकानों को हटवाने को लेकर उनसे लोग कई बार शिकायत कर चुके थे। उन्होंने किसी भी तरह की अभद्र भाषा या क्षेत्राधिकारी के साथ कोई बुरा बर्ताव नहीं किया। चारू निगम ही उल्टे पीड़ित महिलाओं और बुजुर्गों के साथ मारपीट कर रही थीं। विरोध करने के चलते उन पर ये आरोप लगाए जा रहे हैं। विधायक ने मीडिया से कहा कि अगर आपके पास मेरे बुरे बर्ताव या उनको डांटने की कोई क्लिप है तो आप उनको दिखाइए, लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा फर्ज बनता है कि आम लोगों की समस्या को सुनूं और अगर पुलिस उनके साथ अन्याय कर रही है तो उसका विरोध करूं।


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