राजनीति

पनीरसेलवम फिर बन सकते हैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री! AIADMK के 2 गुटों का होगा विलय

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 23 , 2017 , 14:54 IST | चेन्नई

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के वफादार रहे ओ पनीरसेलवम (ओपीएस) क्या एक बार फिर राज्य सरकार के मुखिया बन सकते हैं? द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के मुताबिक एआईएडीएमके के दोनों धड़ों के बीच विलय की बातचीत शुरू हो चुकी है। इसमें आपसी सहमति का एक विकल्प यह भी है कि ओ पनीरसेलवम फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनें।

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ये है विलय का नया फार्मूला

सहमति के तहत मौजूदा मुख्यमंत्री ईके पलानिसामी को पार्टी का महासचिव बनाए जाने की बात चल रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो इस बिंदु पर लगभग सहमति बन चुकी है। विलय प्रक्रिया पूरी होते ही पलानिसामी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्हें शशिकला की जगह पार्टी की कमान सौंपी जाएगी जबकि पनीरसेलवम को सरकार की।

सूत्र बताते हैं कि पलानिसामी के सामने पनीरसेलवम गुट की मांगें मानने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं हैं क्योंकि एक तो पार्टी का भविष्य दांव पर लगा है। दूसरा- पलानिसामी की सरकार के पास बहुमत भी बहुत ज्यादा नहीं है। राज्य की 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए। जबकि पलानिसामी सरकार के पास फिलहाल इस आंकड़े से चार अधिक यानी 122 विधायकों का समर्थन है।

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पलानिसामी को नहीं है बहुमत

लेकिन पिछले कुछ दिनों में इनमें से 10-12 विधायक ऐसे सामने आए हैं, जो शशिकला और दिनाकरन के खिलाफ हो चुके हैं।

इन विधायकों में कुछेक मंत्री भी हैं। इन्हीं में से एक वित्त मंत्री डी जयकुमार तो वे हैं जिन्होंने बीते मंगलवार को दिनाकरन और उनके परिवार को पार्टी से बाहर करने का ऐलान किया था। उधर, वाणिज्य कर मंत्री केसी वीरामणि दावा करते हैं कि,

सबसे पहले मैंने शशिकला और दिनाकरन के खिलाफ आवाज उठाई। उनसे इस्तीफा मांगा

पलानिसामी सरकार में बढ़ रही है असंतुष्टों की संख्या

मतलब साफ है कि पलानिसामी की सरकार इन असंतुष्टों की मदद से जब चाहे तब गिराई जा सकती है।

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इसका अहसास संभवत: पलानिसामी को भी हो चुका है। यूं तो वे नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मिलने के लिए अलग से वक्त दिया है।

दूसरी खबर यह है कि पनीरसेलवम गुट ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि पार्टी के दोनों धड़ों के बीच विलय वार्ता काफी आगे बढ़ चुकी है। ऐसे में वे अपनी याचिका वापस ले सकते हैं।

यह याचिका ओपीएस गुट ने पलानिसामी सरकार के विश्वास मत के खिलाफ दायर की थी। बीती 18 फरवरी को विधानसभा में हासिल किए गए विश्वास मत को उन्होंने रद्द करने की मांग की थी। तीसरी खबर यह कि ओपीएस गुट विलय के लिए बस यह इंतजार कर रहा है कि पलानिसामी धड़े की ओर से शशिकला-दिनाकरन को पार्टी से बाहर करने की औपचारिकता पूरी हो जाए।

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