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52 हजार के कर्ज़ में डूबी एयर इंडिया को खरीदकर 'घर वापसी' करेगा टाटा ग्रुप?

तूबा महर, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 22 , 2017 , 20:08 IST | नई दिल्ली

टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया में हिस्सेदारी खऱीदने में दिलचस्पी दिखाई है। दरअसल लंबे समय से एयर इंडिया घाटे में चल रही है और इसको लेकर कई सुझाव आ रहे हैं। भारी कर्ज में डूबी इस एयरलाइन को नीति आयोग ने पूर्ण निजीकरण का सुझाव दिया है। हालांकि, नागर विमानन मंत्रालय ने इस राष्ट्रीय एयरलाइन के निजीकरण के प्रस्ताव पर चिंता जताई है। सरकार इसे फिर से बेहतर स्थिति में लाने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है।

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आपको बता दें की टाटा यदि इस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदती है, तो उसके लिए यह घर वापसी की तरह होगा। एयर इंडिया का इतिहास टाटा एयरलाइंस से जुड़ा है, जिसे 1932 में बनाया गया था। टाटा द्वारा स्थापित इस कंपनी को बाद में एयर इंडिया के रूप में एक सार्वजनिक कंपनी बना दिया गया था, जिसका बाद में राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। टाटा इससे पहले भी एयर इंडिया में हिस्सेदारी लेने की कोशिश कर चुकी है।

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सरकार की ओर से टाटा ग्रुप के हिस्सेदारी लेने को लेकर कुछ नहीं कहा गया है लेकिन जहां तक है मंत्रालय एयर इंडिया को अपने पास ही रखने के पक्ष में है। टाटा ग्रुप के स्पोक्सपर्सन ने एक ईमेल के जवाब में कहा- हम ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते।

इस पूरे घटनाक्रम का एक परिदृश्य बनता है कि 51 फीसदी स्टेक सरकार अपने पास रखे और 49 फीसदी निजी कंपनियों को बेच दिया जाए जिसमें विदेशी कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं। एक अन्य विकल्प यह भी है कि एयर इंडिया में अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री की जाए और उसके बाद एयरलाइन के कर्ज की समस्या से निपटा जाए। इसके लिए एयरलाइन की परिसंपत्तियों को बेचा जा सकता है।

बता दें 1953 में राष्ट्रीयकरण से पहले ये विमान कंपनी टाटा की ही थी। फिलहाल एयर इंडिया पर 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। जिसकी वजह विमान के रख रखाव का खर्च और लीज रेंट बताया जा रहा है।


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