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बैंकिंग विनियमन संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश, RBI को मिलेंगे ज्यादा अधिकार

अमरेन्द्र कुमार,न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 24 , 2017 , 18:34 IST | नयी दिल्ली

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को बैंकिंग विनियमन विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया। इस विधेयक के तहत केंद्र सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यह अधिकार देती है कि वह कर्ज के बकायेदारों से बकाया वसूली के लिए बैंकों को वसूली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे सकता है।

बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2017 जो कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 में संशोधन करता है और यह बैंकिंग विनियमन (संशोधन) अध्यादेश, 2017 की जगह, जिसे इस साल मई में लागू किया गया था। यह उपाय भारतीय रिजर्व बैंक को अनुमति देता है कि वो स्ट्रेस्ड एसेट्स से जुड़े विशेष मामलों में दिवालियापन प्रक्रिया शुरू कर सके।

इस अध्यादेश के तहत आरबीआई को डूबे कर्जों के मामले में कार्रवाई करने के लिए और ज्यादा ताकत दी गई थी। इसके तहत आरबीआई बैंकों को कर्ज नहीं चुकाने वाली कंपनियों के खिलाफ बैंकरप्सी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश देने का अधिकार मिल गया था। इसी अधिकार के तहत आरबीआई ने 12 बड़े कर्जों के मामले में बैंकों को एक्शन लेने के लिए कहा है।

साथ ही आरबीआई को यह अधिकार भी दिए गए हैं कि वो रिजोल्यूशन के लिए दिशा निर्देश जारी कर सके और प्राधिकरण और कमेटी की नियुक्ति या नियुक्ति को अनुमोदित कर सके जो कि स्ट्रेस्ड एसेट्स के मामले से निपटने के लिए बैंकिंग कंपनियों को सलाह देंगी।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की फंसी कर्ज राशि यानी गैर-निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) छह लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंचने के बाद यह कदम उठाया गया है। 


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