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जेपी बेचना चाहती है यमुना एक्सप्रेस-वे की संपत्ति, सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाज़त

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 13 , 2017 , 12:48 IST | नई दिल्ली

जेपी इन्फ़्राटेक फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। जेपी इन्फ़्राटेक ने सुप्रीम कोर्ट से यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना को बेचने की इजाज़त मांगी है। जेपी इन्फ़्राटेक की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया है कि हम 2000 करोड़ रुपए जमा कराने की हालत में नहीं हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे की संपत्ति को हम बेचना चाहते हैं, जिससे 2500 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे हम 2000 करोड़ रुपये का भुगतान कर सकेंगे। जेपी इन्फ़्राटेक ने सुप्रीम कोर्ट से इस संपत्ति को बेचने की इजाज़त मांगी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 23 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

जेपी एसोसिएट्स ने यह इजाज़त सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के लिए मांगी है जिसमें 11 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने जेपी एसोसिएट्स को 2000 करोड़ रुपये जमा कराने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जेपी इंफ्रा के दिवालिया प्रक्रिया रोकने के लिए दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। जेपी इंफ्रा के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया को रोकने के लिए घर खरीददारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

घर खरीददारों की दलील थी कि अगर दिवालिया प्रक्रिया शुरु होती है तो कानून के मुताबिक प्राइमरी इंवेस्टर्स को इसका लाभ मिलेगा और खरीददारों को कुछ नहीं मिलेगा।

इस मसले की सुनवाई के समय सुप्रीम कोर्ट ने जेपी इंफ्रा की पैरेंट कंपनी जेपी एसोसिएट्स को 2000 करोड़ रुपये अदालत में जमा करने के निर्देश दिए थे।


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