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3 तलाक पर SC में सिब्बल का तर्क, जो प्रथा 1400 सालों से कायम है वह असंवैधानिक कैसे?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 16 , 2017 , 12:41 IST | नयी दिल्ली

तीन तलाक मामले प मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वकील कपिल सिब्‍बल ने अपना पक्ष रखा। उन्‍होंने कोर्ट के सामने कहा कि तीन तलाक की प्रथा 1400 वर्षों से जारी है, ऐसे में आप कैसे कह‍ सकते हैं कि यह असंवैधानिक है। सिब्बल ने यह भी कहा कि अगर राम का अयोध्या में जन्म होना आस्था का विषय हो सकता है तो तीन तलाक का मुद्दा क्यों नहीं। सिब्बल ने कहा,

इस्लाम धर्म ने महिलाओं को काफी पहले से अधिकार दिया हुआ है। परिवार और पर्सनल लॉ संविधान के तहत हैं, यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

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इससे पहले सोमवार को केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट से कहा कि अगर तीन तलाक असंवैधानिक घोषित कर दिया जाता है तो शून्यता नहीं रहेगी। कानून लाकर मुसलमानों में शादी और तलाक को नियमित किया जाएगा। यह बात तीन तलाक पर बहस के दौरान पीठ की ओर से पूछे गये सवाल पर केंद्र सरकार की ओर से नजरिया रख रहे अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कही।

पीठ ने उनसे पूछा था कि अगर तलाक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा तो मुस्लिम पुरुष तलाक के लिए कहां जाएंगे। मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ मुस्लिमों में प्रचलित एक साथ तीन तलाक की वैधानिकता पर सुनवाई कर रही है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह साफ कर दिया था कि वह समय की कमी की वजह से सिर्फ ‘तीन तलाक’ पर सुनवाई करेगा। हालांकि कोर्ट ने केन्द्र के जोर के मद्देनजर बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दों को भविष्य में सुनवाई के लिए खुला रखा है।

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