राजनीति

चंदन गुप्ता को शहीद का दर्जा देने के लिए CM योगी के खिलाफ परिजनों का प्रदर्शन

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 28 , 2018 , 13:49 IST

उत्तर प्रदेश के कासगंज में गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा यात्रा के दौरान भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता के परिवार वाले अब उसे शहीद का दर्जा दिलाने की मांग के साथ CM योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्रदर्शन पर उतर आए हैं। चंदन के परिवार वालों की मांग है कि राज्य सरकार चंदन को शहीद का दर्जा दे।

चंदन की शुक्रवार को भड़की हिंसा में मौत हो गई थी। विरोध प्रदर्शन में शामिल चंदन की मां ने कहा कि उनके बेटे को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले में ऐक्शन लेना चाहिेए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक इस संबंध में कुछ नहीं किया है। दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 'योगी मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए गए। गौरतलब है कि शनिवार को परिवार वालों ने शहीद घोषित किए जाने की मांग करते हुए चंदन का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। लेकिन CM द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि इसके बाद भी कासगंज में हिंसा थमी नहीं और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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तीन दिन से हिंसा की आग में झुलस रहा उत्तर प्रदेश का कासगंज छावनी में तब्दील हो चुका है। कासगंज में दो दिन से कर्फ्यू लगा हुआ है और बीती रात से इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। बावजूद इसके रविवार को फिर से उपद्रवियों ने तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की वारदातों को अंजाम दिया। अब पुलिस ने भी खास इंतजाम करते हुए उपद्रवियों और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रही है।

ये है कासगंज हिंसा की INSIDE STORY

इस बीच कासगंज हिंसा पर SP सुनील सिंह ने हिंसा की वारदातों के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की इसके पीछे राजनीतिक साज़िश हो सकती है।

तिरंगा यात्रा निकाल रहे लोगों ने की थी भड़काऊ नारेबाजी

SP सुनील सिंह ने साथ ही गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा भड़काने वाले तत्वों के बारे में भी अहम खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा निकाल रहे लोगों ने एक खास जगह पहुंचकर कुछ भड़काऊ नारेबाजी की, जिसके चलते झगड़ा शुरू हुआ और हिंसा भड़क उठी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन हिंसा त्वरित कारणों से भड़की, लेकिन उसके बाद फैलाई जा रही हिंसा के पीछे कोई राजनीतिक साजिश है।


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