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शब्बीर शाह का करीबी असलम वानी गिरफ्तार, टेरर फंडिंग केस में ED की कार्रवाई

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 6 , 2017 , 16:13 IST | श्रीनगर

प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने टेरर फंडिंग केस में कश्मीर के बड़े अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के एक करीबी असलम वानी को गिरफ्तार किया है। ईडी ने कथित हवाला डीलर असलम वानी को रविवार को श्रीनगर में धड़ दबोचा। ईडी टेरर फाइनेंसिंग से जुड़े 10 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग केस में इसी साल 26 जुलाई को शब्बीर शाह को भी गिरफ्तार कर चुकी है। शाह डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के चेयरमैन हैं। इस केस की जांच कर रही एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने 24 जुलाई को कश्मीर के 7 अलगाववादी नेताओं को भी गिरफ्तार किया था। इनमें हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी का दामाद भी शामिल है।

असलम वानी ने शाह को दिए हैं 2.25 करोड़

ईडी ने शाह और वानी के खिलाफ प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है। वानी ने दावा किया है कि उसने शाह और उनके घर वालों को पिछले साल 2.25 करोड़ रुपए दिए थे। वह श्रीनगर से भागने की फिराक में था, मगर पकड़ा गया। ईडी ने दिल्ली के कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया था।

Shabbir sah

बता दें कि हाल ही में ईडी ने दिल्ली के एक कोर्ट में शब्बीर शाह की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए अपील की थी, जिसमें कहा गया था कि शाह पाकिस्तान के आतंकियों से लगातार संपर्क में थे। कोर्ट ने शाह की रिमांड 6 दिनों के लिए बढ़ा दी थी।

एनआईए ने इन अलगाववादी नेताओं को किया है गिरफ्तार

एनआईए ने टेरर फंडिंग केस में कश्मीर के जिन 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया था, उनमें बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी. सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद हैं।
बता दें कि इसी साल मई के आखिर में सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई थी कि तीन अलगाववादी नेताओं ने एनआईए को पूछताछ में ये बताया है कि उन्हें घाटी में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक स्थित आतंकी संगठनों से फंड मिलता है।

अयाज अकबर भी गिलानी के करीबी

एनआईए ने JKLF (जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट) के नेता फारूख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे को दिल्ली में जबकि बाकी अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर में गिरफ्तार किया था। अयाज अकबर भी सैयद अली शाह गिलानी के करीबी हैं, अयाज तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रवक्ता भी हैं। जबकि शहीद-उल-इस्लाम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के प्रवक्ता हैं। इस धड़े के प्रमुख लीडर मीरवाइज उमर फारूख हैं।

बता दें कि एनआईए ने 3 अलगाववादी नेताओं नईम खान, गाजी जावेद बाबा और बिट्टा कराटे को मई में दिल्ली बुलाकार पूछताछ की थी। उसी दौरान इन्होंने पाकिस्तान से फंडिंग की बात मानी थी। इससे पहले मई में ही एनआईए ने तहरीक-ए-हुर्रियत के नेता बाबा और JKLF के नेता कराटे से श्रीनगर में भी लगातार 4 दिनों तक पूछताछ की थी। उस दौरान उनसे कश्मीर में हिंसा के लिए हवाला चैनलों के जरिए फंड जुटाने के आरोप पर सवाल किए गए थे।

 


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