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पत्थरबाजी करने वाली लड़की भारत के लिए खेलना चाहती है फुटबॉल, पढ़ें पूरी कहानी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 26 , 2017 , 15:36 IST | श्रीनगर

नीले आसमान के नीचे हरे रंग की जर्सी में कश्मीरी लड़कियां फुटबॉल के पीछे भागती दिखाई दीं। ये वहीं लड़कियां हैं जिनमें से कुछ ने फुटबॉल के इस मैदान से करीब एक किलोमीटर दूर सोमवार को पुलिस पर पत्थरबाजी की थी, कुछ के चेहरों पर चोट लगी हुई है।

अपने पैर के नीच फुटबॉल दबाए 21 वर्षीय अफशां आशिक कहती हैं कि,

हां, मैंने कल पत्थरबाजी की थी, लेकिन मैं यह नहीं करना चाहती, मैं देश के लिए फुटबॉल खेलना चाहती हूं

बता दें कि अफशां कश्मीर की पहली महिला फुटबॉल कोच हैं।

Football

आइए जानते हैं कश्मीर की पहली महिला फुटबॉल कोच के बारे में

अफशां गवर्नमेंट विमेंस कॉलेज में बीए सेकंड इयर की स्टूडेंट हैं। उनकी टीम में कोठी बाग के गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल की 20 लड़कियां हैं। एक अंग्रेजी समाचार पत्र को दिए गए इंटरव्यू में वो बताती हैं कि सोमवार को जब वे प्रैक्टिस के लिए मैदान में पहुंचने वाली थीं, तब उन्होंने कुछ लड़कों को पुलिस पर पत्थरबाजी करते हुए देखा, छात्र पिछले सप्ताह पुलवामा डिग्री कॉलेज में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

कश्मीरी लड़कियों ने क्यों की पत्थरबाजी

अफशां ने कहा कि,

मैंने लड़कियों से परेशान न होने और इंतजार करने के लिए कहा। पुलिस ने हमें गलत समझा, उसे लगा कि हम वहां पत्थरबाजी करने के लिए खड़े हैं। एक पुलिसकर्मी ने आकर एक लड़की को थप्पड़ मारा, इसपर हमें गुस्सा आ गया। मैं उस लड़की का साथ देना चाहती थी और हम सबने पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी

जबकि पुलिस का कुछ और ही कहना है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, लड़कियों ने समझा कि पुलिस पीछे हट गई है और उनके खिलाफ कोई जवाबी कार्रवाई नहीं करेगी, इसलिए उन्होंने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अधिकारी ने आगे कहा कि पुलिस और सीआरपीएफ ने नियंत्रण बनाए रखा, जिसका सबूत यह है कि किसी स्टूडेंट को चोट नहीं लगी।

Women pelters

जिस लड़की को पुलिस ने थप्पड़ मारा था उसने अपना नाम न जाहिर करते हुए संतुष्टि के स्वर में कहा कि मैंने भी पत्थर फेंके थे।' उसने कहा कि आर्मी, सीआरपीएफ और पुलिस से नाराज हूं मैं। मैंने वह वीडियो देखा जिसमें सीआरपीएफ एक महिला को पीट रही थी। मैं उनपर पत्थरबाजी करने के लिए तैयार हूं।

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