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खादी को चमकाने का प्लान तैयार, 'खादी बाय पीटर इंग्लैंड' ब्रांड होगा लॉन्च

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 24 , 2017 , 21:07 IST | नयी दिल्ली

देश के खादी फैशन हाउस को मजबूती देने के लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय मंत्रालय और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड के बीच एक रणनीतिक करार पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत 'खादी बाय पीटर इंग्लैंड' ब्रांड लांच किया जाएगा। केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशु सिन्हा और आदित्य बिड़ला फैशन और रिटेल लिमिटेड के व्यापार प्रमुख आशीष दीक्षित के बीच दस्तावेजी समझौते का आदान-प्रदान किया गया।

इस रणनीतिक साझेदारी के द्वारा आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड पीटर इग्लैंड (मेंसवियर ब्रांड में प्रमुख) ब्रांड के तहत 'खादी बाय पीटर इंग्लैंड' के नाम से एक विशेष ब्रांड प्रोडक्ट लाइन विकसित करेगी।


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केवीआईसी के अध्यक्ष वी.के. सक्सेना ने कहा,

भारत का विरासती कपड़ा खादी खुद महात्मा गांधी द्वारा खोजा और प्रचारित किया गया है। समय के साथ साथ खादी विकसित हुई और ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत कम लागत में ही रोजगार देने वाली प्रमुख कंपनी बनती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई खादी को खरीदने की लगातार अपील ने खादी कार्यक्रमों को प्रोत्साहन दिया है तथा ग्रामीण कारीगरों को बढ़ावा दिया है। दोनों ब्रांडों के इस करार से खादी कारीगरों के लिए दो लाख से ज्यादा रोजगार के साधन उपलब्ध कराएगा और खादी रेडीमेड्स में काफी समय से व्यावसायिक इनपुट्स की कमी को भी दूर करेगा।

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आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड के व्यापार प्रमुख आशीष दीक्षित ने कहा,

खादी और ग्रामोद्योग आयोग के साथ हमारी साझेदारी नई खोज और सतत फैशन की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का साक्ष्य है। केवीआईसी के साथ साझेदारी से हमारा यह लक्ष्य है कि हम हाथ से बने कपड़ों की भारतीय धनवान विरासत को अपने विवेकी परिधानों के और नजदीक लाएं।

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केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशु सिन्हा ने कहा,

खादी और ग्रामीण उद्योग के उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए केवीआईसी कई नई तरीके की रणनीति अपनाने जा रही है। केवीआईसी खादी के विस्तार के लिए बाजार के बड़े उद्योगपति कंपनियों जैसे रेमंड लिमिटेड और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड के साथ मिलकर काम कर रही है। यह पहल दोनों के लिए ही सिर्फ फायदे का उद्योग साबित होगा, साथ ही खादी के कारीगरों के रोजगार में स्थायित्व भी आएगा।


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