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जस्टिस कर्णन के मानसिक संतुलन की होगी जांच, SC ने मेडिकल बोर्ड बनाने का दिया आदेश

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 1 , 2017 , 17:49 IST | नई दिल्ली

कोलकाता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सी.एस.कर्णन मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की पीठ ने जस्टिस कर्णन की मेडिकल जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन के आदेश दिए हैं। इसमें मानसिक संतुलन की जांच की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि कोलकाता के सरकारी अस्पताल का मेडिकल बोर्ड 4 मई को जस्टिस कर्णन की जांच कर 8 मई तक रिपोर्ट पेश करें। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी। अगर जस्टिस कर्णन 18 मई तक जवाब नहीं देते है तो माना जाएगा कि वो कुछ नहीं कहना चाहते है।

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दरअसल, जस्टिस कर्णन ने 20 जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज किया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि देश की कोर्ट या ट्रिब्यूनल जस्टिस कर्णन के 8 फरवरी के बाद जारी किए गए आदेश पर संज्ञान न ले।

कोर्ट ने कहा कि जस्टिस कर्णन की मेडिकल जांच में सहायता करने के लिए राज्य के डीजीपी को एक पुलिस अधिकारियों की टीम का गठन आदेश दिया।

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गौरतलब है कि 13 अप्रैल को जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर और 7 जजों को 28 अप्रैल को अपने कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। इतना ही नहीं इसके बाद 28 अप्रैल को उन्होंने एयर कंट्रोल अथॉरिटी दिल्ली को निर्देश दिए कि मामला समाप्त होने तक मुख्य न्यायाधीश और 7 अन्य जजों को देश के बाहर जाने की इजाजत न दी जाए। दरअसल, जस्टिस कर्णन ने यह आदेश अपने घर पर शिफ्ट की गई अदालत से दिए थे।

31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जस्टिस कर्णन कोर्ट में पेश हुए और सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि हाईकोर्ट के जज के साथ 49 मिनट तक बहस चली। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वो मानसिक तौर पर बीमार हैं तो उसका सर्टिफिकेट कोर्ट में दाखिल करें। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन के भ्रष्टाचार के आरोपों पर 4 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा था और उन्हें 1 मई को पेश होने का आदेश दिया था।

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इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया था, जिसे उन्होंने मानने से इनकार कर दिया था।


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