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कुलभूषण जाधव को नहीं मिलेगी राजनयिक मदद, पाक ने ठुकराई भारत की अर्जी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 2 , 2017 , 18:57 IST | इस्लामाबाद

पाकिस्तान ने एक बार फिर कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने से इनकार कर दिया है। यह भारत द्वारा काउंसलर एक्सेस के लिए दायर की गई 17वीं अर्जी थी जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया। पाकिस्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान एक विशेष कैदी के रुप में देखती है न कि जल सीमा में पकड़ाए गए मछुआरों की तरह। कुलभूषण जाधव की तुलना बंदी बनाए गए मछुआरे से करना बिल्कुल गलत है।

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बता दें कि कुलभूषण पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। पाकिस्तान ने उन पर जासूस होने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने अप्रैल 2017 में जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में इस पर इंटरनेशनल कोर्ट ने रोक लगा दी थी।

पाकिस्तान की क्या है दलील

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत जाधव को एक 'आम कैदी' बताकर सबूतों को दबा रहा है। जाधव केस को आम कैदी और बंदी बनाए गए मछुआरों के केस से तुलना करना बेतुका है। भारत ने शनिवार को 17वीं बार जाधव को कॉन्स्युलर एक्सेस देने की अर्जी लगाई थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे खारिज कर दिया था। जाधव के साथ ही मुंबई के हामिद नेहाल अंसारी के लिए भी डिप्लोमेटिक एक्सेस की मांग की गई थी। इस पर फैसला नहीं किया गया है।

पाक की ओर से यह बयान दोनों देशों की ओर से जेल में बंद कैदियों की लिस्ट साझा किए जाने के एक दिन बाद आया है।

जाधव मामले का टाइमलाइन

जाधव को मार्च 2016 में पाकिस्तान ने ईरान से किडनैप किया था। जबकि पाक का दावा है कि जाधव जासूस है जो बलूचिस्तान से अरेस्ट किया गया। इसी साल अप्रैल में पाक ने अपने आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया और उसे फांसी की सजा सुनाई थी।

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इसके बाद भारत इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में ले गया। मई में इंटरनेशनल कोर्ट ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि हमारा आखिरी फैसला आने तक जाधव को फांसी नहीं दी जा सकती। भारत को इस मामले में दूसरी कामयाबी भी मिली। ICJ ने पाक से कहा- वियना कन्वेंशन के तहत आपको जाधव को कॉन्स्युलर एक्सेस भी देना होगा।


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