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ICJ में कुलभूषण के खिलाफ केस लड़ेंगे पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 7 , 2017 , 19:36 IST | नई दिल्ली

हेग स्थित इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में चल रहे कुलभूषण जाधव के मामले को लीड करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने पूर्व चीफ जस्टिस तसादुक हुसैन जिलानी को ऐड-हॉक जज नियुक्त किया है। जस्टिस जिलानी पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी के चचेरे भाई हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति को लेकर पाकिस्तान बार काउंसिल के प्रतिनिधि रहील कामरान शेख ने मांग की है कि जिलानी की एड-हॉक जज के तौर पर नियुक्ति की मंजूरी संसद से ली जाए।

अटॉर्नी जनरल के कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें भारत की तरफ से इंटरनेशनल कोर्ट में दिये गए 22 पेज की रिपोर्ट पर चर्चा कर रणनीति तैयार की गई।

वहीं अब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के खिलाफ जवाबी याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद है। आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा के खिलाफ भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय अदालत में दी गयी दलीलों के जवाब में अपनी याचिका दायर करने की तैयारी तेज कर दी है।

भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मार्च 2016 में बलूचिस्तान से पकड़ा था और एक सैन्य अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा चलाया गया था, जिसने उसे ‘जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों’ के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। भारत की अपील पर अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी। हालांकि पाकिस्तान ने आईसीजे में कहा कि वियना समझौते में कंसुलर संपर्क से जुड़े प्रावधान आतंकी गतिविधियों में शामिल किसी जासूस के लिए नहीं है।

ICJ ने पाकिस्तान से कहा था कि वह इस पर अदालत के समक्ष 13 दिसंबर या उससे पहले लिखित जवाब दे, जिससे अदालत आगे की कार्यवाही शुरू कर सके। विदेश कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ अली ने शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों व संबंधित विभागों की एक बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाधव मामले पर बहस की दलीलों पर भी चर्चा की गई।

सूत्रों के मुताबिक हम पूरी शक्ति से अपनी स्थिति का बचाव करेंगे, जो इस तथ्य पर आधारित है कि जाधव एक भारतीय जासूस है, जिसे पाकिस्तान में जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों का जिम्मा सौंपा गया था। इस बीच औसफ ने डॉन को बताया कि उन्होंने स्थिति की समीक्षा करने के लिये साप्ताहिक बैठकें करने का फैसला लिया है, जिससे ‘इस्लामाबाद के नजरिये को अंतिम रूप दिया जा सके और उसे भारत के आरोपों के लिये एक उचित प्रतिवेदन के तौर पर बदला जा सके।


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