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कुलभूषण पर पाकिस्तान ने फिर दिखाया अड़ियल रवैया, कहा- उनके पास 2 पासपोर्ट कैसे?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 14 , 2017 , 18:33 IST | नई दिल्ली

पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में वहां की सैन्य अदालत से मौत की सजा पाए कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान अपना अड़ियल रवैया छोड़ने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान ने कहा है कि जाधव कारोबारी नहीं बल्कि जासूस था क्योंकि उसके पास दो पासपोर्ट मिले थे।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने आरोप लगाया कि जाधव के पास से एक हिन्दू और एक मुसलमान के नाम से दो पासपोर्ट मिले थे। उन्होंने सवाल किया कि अगर वह निर्दोष हैं तो उनके पास दो पासपोर्ट कैसे आए। अजीज ने बताता कि जाधव को मिली सजा के खिलाफ अपील के लिए 4 महीने का वक्त है।

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उधर, कुलभूषण को बचाने की भारत सरकार ने कोशिशें तेज कर दी है। इस सिलसिले में पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावाले ने पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ से मुलाकात की है और उच्चायोग अधिकारियों को कुलभूषण जाधव से मिलने की एक बार फिर इजाजत मांगी है।

बंबावले ने जंजुआ से कुलभूषण के खिलाफ दायर चार्जशीट और पाकिस्तानी सैन्य अदालत के फैसले की कॉपी मांगी है। भारत सरकार जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार पाकिस्तान सेना के कानूनों का अध्ययन भी कर रही है।

उधर, भारत के विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है कि कुलभूषण जाधव के पास वैध भारतीय वीजा है। उन्हें पाकिस्तान सरकार किस आधार पर जासूस साबित कर रही है।

वहीं भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को जाधव से मुलाकात की मांग पर पाकिस्तानी विदेश सचिव ने कहा कि यह जासूसी का मामला है और इसलिए उन्हें मुलाकात की इजाजत नहीं दी सकती। हालांकि, भारतीय उच्चायुक्त ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत जाधव से मिलने की इजाजत मांगी है।

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पाकिस्तान ने कई बार ठुकराया अनुरोध

भारत सरकार पिछले साल मार्च से लेकर अब तक जाधव से मुलाकात की 14 बार इजाजत मांग चुका है। लेकिन पाकिस्तान ने हर बार अनुरोध को ठुकराया है। विएना संधि के मुताबिक अगर विदेश में किसी भी देश का नागरिक गिरफ्तार होता है तो अपने दूतावास के अधिकारियों से मुलाकात उसका हक होता है।

कानूनी जंग की तैयारी

इस बीच, मोदी सरकार कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है। इसके लिए मिलिट्री ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की जा सकती है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि जाधव को बचाने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाएगी।

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