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पाक के सुर पड़े नरम, अब्दुल बासित ने कहा- ICJ के आखिरी फैसले तक जाधव सुरक्षित

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 22 , 2017 , 13:47 IST | नई दिल्ली

पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव के सुरक्षित होने को लेकर लग रही तमाम अटकलों और भारत की चिंताओं के बीच रविवार को भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने संकेत दिए कि जाधव सुरक्षित हैं और इस मामले में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले का पालन करेगा।

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बासित ने कहा है कि,

जाधव को तब तक फांसी नहीं दी जाएगी, जब तक कि कोर्ट का आखिरी फैसला नहीं आ जाता

यह पहली बार है जब जाधव के सुरक्षित होने के संबंध में पाकिस्तान की तरफ से कुछ कहा गया है।

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कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून को ले प्रतिबद्ध है पाक

बासित ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानूनों को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वह यह बात सिर्फ कोर्ट के अस्थाई आदेश के संदर्भ में कह रहे हैं जिसके मुताबिक जाधव की फांसी पर रोक लगाई गई है, इसका केस के मेरिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बासित ने कहा कि,

कोर्ट ने कॉन्सलर ऐक्सेस को लेकर कुछ ऐसा नहीं कहा है जिसे अंतिम माना जाए। इन सभी बातों का फैसला कोर्ट के आखिरी आदेश में होगा

पाक राष्ट्रीय सुरक्षा से नहीं करेगा समझौता

हालांकि, बासित ने यह भी कहा कि इस बात में कोई शक नहीं कि पाकिस्तान जाधव के मामले में अपने कानूनों के मुताबिक ही कार्रवाई करेगा। पाक उच्चायुक्त ने कहा कि कोई देश अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से समझौता नहीं करता।

याद रखिए कि जाधव को जासूसी और आतंकवाद फैलाने का दोषी पाया गया है। वह कोई साधारण नागरिक नहीं है, वह भारतीय नौसेना का अधिकारी है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान अपने रुख पर मजबूती से कायम है।

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जाधव के पास अपील करने के लिए 150 दिनों का वक्त

हालांकि बासित ने यह भी कहा कि ICJ का फैसला पाकिस्तान के लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि जाधव के पास अपील करने के लिए 150 दिनों का वक्त है। लेकिन ICJ के फैसले का पालन करने संबंधी उनके बयान को भारत के लिए राहत के तौर पर देखा जाना चाहिए क्योंकि भारत में कई जानकार यह आशंका जता चुके हैं कि जाधव को केस की सुनवाई के दौरान ही फांसी दी जा सकती है।

दया याचिका के लिए 60 दिनों का वक्त

बता दें कि मिलिटरी कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत की ओर से की गई अपील अगर खारिज हो जाती है और जाधव की फांसी बरकरार रहती है, तब भी जाधव के पास पाक आर्मी चीफ के सामने दया याचिका दायर करने के लिए 60 दिनों का वक्त होगा। अगर वह अर्जी भी खारिज कर दी जाती है, तो जाधव के सामने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के पास दया की गुहार लगाने का विकल्प होगा।

Icj

 

 


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