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रेलवे टेंडर घोटाला: लालू यादव के बाद CBI के सामने तेजस्वी की पेशी

ललिता सेन, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 6 , 2017 , 13:51 IST | नई दिल्ली

रेलवे टेंडर घोटाले में गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से सीबीआई मुख्यालय में सात घंटे तक पूछताछ हुई। शुक्रवार को लालू के बेटे तेजस्वी यादव से सीबीआई ने पुछताछ की। सीबीआई के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर होने के पूर्व तेजस्वी ने ट्वीट किया, "इनके फरेब और झूठ की रफ्तार भले ही तेज है, पर अंत में झूठ की पराजय और हमारे सत्य की विजय होगी। सच की डोर भले लम्बी हो, पर उसे कोई तोड़ नहीं सकता।" गुरुवार को लालू के साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी सीबीआई मुख्यालय पहुंची थी।

सीबीआई ने सात घंटे की पूछताछ में लालू यावद से अनुबंध, कंपनी के जमीन समझौते, प्रेम चंद गुप्ता से उनके संबंध, लाभार्थी कंपनी के मालिकों के साथ संबंध के बारे में प्रश्न पूछे गए।

पूछताछ होने के बाद बाहर निकलने पर लालू यादव ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, सीबीआई अधिकारी सौहार्द्रपूर्ण थे लेकिन वे क्या कर सकते हैं? वे भारत सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं जो कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कर रही है। मुझे सीबीआई से कोई शिकायत नहीं है लेकिन केन्द्र सरकार मुझे और मेरे परिवार को निशाना बना रही है।

लालू ने कहा, मैंने रेलवे में छिटपुट चोरियां रोकीं, उसे सस्ता बनाया, राजस्व में बढ़ोतरी कराई और मुझ पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कुछ नहीं बस मुझे और मेरे परिवार को राजनीतिक साजिश के चलते परेशान किया जा रहा है।

Lalu-Yadav

सीबीआई ने वर्ष 2006 में रांची और पुरी में आईआरसीटीसी के होटलों को कांट्रैक्ट देने में कथित अनियमितता बरतने के आरोप में 5 जुलाई को लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। तत्कालीन रेलमंत्री लालू यादव ने एक निजी कंपनी को यह कांट्रैक्ट दिया था।

सीबीआई ने बताया कि यह कांट्रैक्ट विजय और विनय कोच्चर के स्वामित्व वाले सुजाता होटल्स को बिहार में मुख्य जगह पर जमीन देने के बदले दिया गया था।

सीबीआई की प्रथम दृष्टया जांच में पता चला कि यह जमीन कोच्चरों ने डिलाइट मार्केटिंग एंड पेमेंट को बेचा, जिसकी व्यवस्था अहलुवालिया कांट्रेक्टर और इसके प्रमोटर बिक्रमजीत सिंह अहलुवालिया के द्वारा की गई थी।

Lalu

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में अहलुवालिया से पूछताछ कर चुका है।

ईडी ने 27 जुलाई को सीबीआई के एफआईआर के आधार पर धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत लालू यादव व अन्य पर अलग से मामला दर्ज किया था।


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