राजनीति

नीतीश ने तेजस्वी से इस्तीफा नहीं मांगा, नीतीश हैं महागठबंधन के नेता: लालू

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 26 , 2017 , 16:22 IST | पटना

बिहार की राजनीति राष्ट्रपति चुनाव के बाद गरमाने के आसार थे सो लालू यादव के बयान से एख बार फिर गरमा गई है। बुधवार को पहले लालू ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई और फिर ऐलान कर दिया कि नीतीश ने तेजस्वी का इस्तीफा हीं नहीं मांगा है। इतना ही नहीं लालू यादव ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी से किसी भी तरह की सफाई देने की बात नहीं कही है।

महागठबंधन पर लगातार चल रहे अटकलबाजी पर विराम लगाते हुए लालू यादव ने कहा कि नीतीश महागठबंधन की सरकार के नेता हैं। आरजेडी सरकार के हर कदम का सक्रिय समर्थन करेगी।

आरजेडी विधायकों की बैठक की अध्यक्षता राबड़ी देवी ने की। आरजेडी ने साफ कर दिया कि विधान मंडल में तेजस्वी रहेंगे।

बीजेगी गठबंधन तोड़ना चाहती है- तेजस्वी

वहीं पहली बार इस्तीफे के मसले पर तेजस्वी यादव ने भी चुप्पी तोड़ी। तेजस्वी यादव ने भी कहा कि मुझसे कभी इस्तीफा नहीं मांगा गया। ये बीजेपी और आरएसएस हैं जो इस महागठबंधन को तोड़ना चाहते हैं। लोग उनकी साजिश के जरिए ये देख सकते हैं। सुशील मोदी बिहारी भी नहीं हैं, वे एक बाहरी हैं। ये लोग बिहार के विकास और वहां के लोगों को बारे में फिक्र नहीं करते।

शाम को जेडीयू की बैठक में होगा अहम फैसला

अब सबकी निगाहें शाम में जेडीयू विधायक दल की बैठक पर टिक गई है। पहले ये मीटिंग 28 जुलाई को होने वाली थी लेकिन नीतीश ने इसे दो दिन पहले ही बुला लिया है। अब सवाल ये है कि क्या नीतीश तेजस्वी के मामले पर कोई बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं।

पुराने स्टैंड पर कायम रहेगी आरजेडी

विधायकों के साथ बैठक के बाद लालू ने साफ कर दिया कि आरजेडी अपने स्टैंड पर कायम रहेगी। पिछली मीटिंग में आरजेडी ने तेजस्वी के इस्तीफे से साफ इंकार कर दिया था।

तेजस्वी पर कड़ी कार्वाई की उठ सकती है मांग

गौरतलब है कि 11 जुलाई को भी नीतीश के सरकारी आवास 1, अण्णे मार्ग पर जेडीयू के विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इस बात को लेकर मांग उठी थी कि तेजस्वी यादव जिनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लग रहे हैं, उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। हालांकि, उस दौरान ऐसी मांग को लेकर जल्दबाजी न करते हुए नीतीश ने तेजस्वी को अपने ऊपर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों का जनता के बीच में जवाब देने के लिए कहा था।

माना जा रहा है कि पिछले 15 दिनों में तेजस्वी की तरफ से संतुष्ट पूर्ण जवाब नहीं मिलने की वजह से बुधवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में एक बार फिर से तेजस्वी के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ सकती है। इस बैठक में इस बात को लेकर मांग उठने की संभावना है कि तेजस्वी पर नीतीश कुमार कोई ठोस निर्णय लें और उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें।


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