राजनीति

नीतीश को शर्म नहीं आती, हम उनसे काफी सीनियर हैं और मैंने ही उन्हें आगे बढ़ाया: लालू

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 1 , 2017 , 16:58 IST | पटना

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जम कर पलटवार किया है। उन्होंने नीतीश कुमार को राजनीति का पलटूराम बताया है। साथ ही नीतीश कुमार के शुरूआती राजनीतिक जीवन के किस्से सुनाए। लालू यादव ने बताया कि मैं नीतीश कुमार को शुरू से जानता हूं।

उन्होंने कहा जेपी आंदोलन के वक्त हम नीतीश जी को आगे लाए। हमने नीतीश को आगे लाने के लिए बहुत कुछ किया। लालू ने नीतीश के उस दावे पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने लालू को वोट दिलाया।

लालू ने कहा कि विधानसभा के साधारण सत्र में मीडिया को नहीं जाने दिया। ये मीडिया पर हमला है। बाद में लोगों को क्लिपिंग दिया। मैं नीतीश से सीनियर हूं। मैं उन्हें बहुत बेहतर तरीके से जानता हूं। कल वो कह रहे थे कि लालू को उन्होंने हमें नेता बनाया। उन्हें शरम भी नहीं आती।

लालू ने कहा हमारी लोकप्रियता नीतीश से पहले की है

लालू ने कहा कि हमने यूनिवर्सिटी में 1970-71 का छात्रसंघ का चुनाव लड़ा और जीते। हमारी लोकप्रियता नीतीश कुमार से पहले की है और हम उनके सीनियर हैं।

मुलायम सिंह के कहने पर जुड़ा

लालू यादव ने नीतीश कुमार के साथ गठबंधन करने पर बोला कि मैंने ये कहा था कि नफरत की राजनीति करने वालों को दूर करने के लिए मुझे जहर भी पीना पड़े तो पी लूंगा। उन्होंने बताया कि मुलायम सिंह जी कहने पर मैंने गठबंधन करने का फैसला लिया। लालू ने कहा कि नीतीश खुद चलकर हमारे यहां आए थे, गिडगिडाए थे। लालू ने ये भी कहा कि मैं नीतीश के राजनीतिक चरित्र को जानता हूं।

मैंने नीतीश जी से कहा था हम बूढ़े हो गए, इन बच्चों को एक टर्म दे दीजिए। तेजस्वी यादव ने अच्छा काम किया और नीतीश उसकी लोकप्रियता से घबरा गए।

नीतीश को लालू ने बताई उनकी हैसियत

नीतीश कुमार तुम भूल गए कि तुम्हारी हैसियत क्या थी। हम छपरा में 3 लाख से ज्यादा वोट से जीते, उस वक्त तुम छात्र नेता थे। लालू ने ये भी कहा कि नीतीश दो-दो बार विधानसभा चुनाव हारे और लोकसभा भी हारे। लालू ने कहा कि नीतीश जी तुम चुनाव हारने के बाद मेरे पास हाथ जोड़कर आए थे। लोकसभा में जेडीयू की कई सीटों पर जमानत तक जब्त हो गई थी।

मुझे कॉलेज में लड़कियों ने ज्यादा वोट दिया

लालू ने कहा- "हमको कॉलेज में लड़कियों ने ज्यादा वोट दिया। वहां लोगों ने खुद मेरे पोस्टर लगाए थे। 70 के दशक में हमने मांग रखी कि चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर हों। 70-71 के दौरान मैं जनरल सेक्रेटरी बना। मेरे ख्याति इतनी थी कि छात्रसंघ समिति ही भंग कर दी गई, क्योंकि मैं मीसा कानून के तहत जेल में था।

सुशील मोदी उस दौर में हाफ पैंट पहनकर घूमता था। वो आरएसएस में था। नीतीश मुझसे चंदन लगवाकर जाते थे। जेपी आंदोलन के दौर में नीतीश को मैंने ही आगे किया था।


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