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ये हैं वो दलदल जहां हर रोज 15- 20 के साथ हमबिस्तर होते हैं मासूम

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 5 , 2017 , 16:19 IST | नई दिल्ली

हमारा समाज चाहे कितना भी विकसित क्यों न हो गया हो लेकिन वेश्यावृत्ति आज भी हमारे समाज का एक घिनौना हिस्सा है। जिस उम्र में बच्चियों की गुड्डा गुड़ियों से खेलने की उम्र होती है उस उम्र में उन्हें अपने बाप जैसी उम्र वालों के साथ हमबिस्तर होना पड़ता है। जिस उम्र में बच्चियों को खेलना कूदना चाहिए, उस उम्र में कुछ घटिया तरह के लोग उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाकर वेश्यावृत्ति के धंधे में ले आते हैं। कुछ लोग तो इस काम को अपनी मर्जी से करते हैं लेकिन बहुत सारी महिलाओं खासकर छोटी बच्चियों को जबरन इस नर्क में धकेला जाता है।

आपको यह जानकार शायद थोड़ा गुस्सा आये की महज 12-14 साल की छोटी उम्र की लड़कियां को हर रोज 15- 20 ग्राहकों के साथ सोना पड़ता है । उन्हें अपने बचपन के सपनों कुचल कर रोज़ अपने ग्राहकों को अलग अलग तरीके से करने होता है। वेश्यावृत्ति से जूझ रही इन नाबालिक लड़कियों की कहानियां जानकार और फोटो देखकर आपकी रूह काप जाएगी। आप सोचने पर मजबूर हो जाओगे। इन बच्चियों के ग्राहक हर उम्र के होते हैं। कोई पिता की उम्र का, तो कोई दादा की उम्र का, पर इनका तो बस एक ही काम होता है अपने ग्राहकों को खुश करना।

 भारत और बांग्लादेश की बदनाम गलियां 

1.दिल्‍ली का जीबी रोड

दि‍ल्‍ली स्थित जीबी रोड का पूरा नाम गारस्टिन बास्टिन रोड है। यह दिल्ली का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया है। हालांकि इसका नाम सन् 1965 में बदल कर स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया गया। इस इलाके का भी अपना इतिहास है। बताया जाता है कि यहां मुगलकाल में कुल पांच रेडलाइट एरिया यानी कोठे हुआ करते थे। अंग्रेजों के समय इन पांचों क्षेत्रों को एक साथ कर दिया गया और उसी समय इसका नाम जीबी रोड पड़ा।

जानकारों के मुताबिक देहव्यापार का यहां सबसे बड़ा कारोबार होता है, और यहां नेपाल और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में लड़कियों की तस्करी करके यहां को कोठों पर लाया जाता है। वर्तमान में एक ही कमरे में कई केबिन बनें हैं, जहां एक साथ कई ग्राहकों को सेवा दी जाती है।

2.कोलकाता का सोनागाछी

देश के पूर्वी भाग के सबसे बडे महानगर सोनागाछी को एशिया का सबसे बड़ा रेडलाइट एरिया माना जाता है। अनुमान के मुताबिक यहां कई बहुमंजिला इमारते हैं, जहां करीब 11 हजार वेश्याएं देह व्‍यापार में लिप्‍त हैं।उत्तरी कोलकाता के शोभा बाजार के समीप स्थित चित्तरंजन एवेन्यू में स्थित इलाके में वेश्‍यावृत्ति से जुड़ी महिलाओं को बाकायदा लाइसेंस दिया गया है। यहां इस व्‍यापार को कई तरह के समूह चलाते हैं, जिन्‍हें एक तरह से गैंग कहा जाता है। एक अनुमान के मुताबिक इस स्लम में 18 साल से कम उम्र की करीब 12 हजार लड़कियां सेक्स व्यापार में शामिल हैं।

3.मुंबई का कमाठीपुरा

ये भारत का दूसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया है। यहां कई यौनकर्मी रहते हैं जिनकी हालत बद से बदतर है। यहां छोटी सी बीड़ी बनाने की इंडस्ट्री भी है जिन्हें महिलायें चलाती हैं। 80 के दशक में हाजी मस्तान और दाऊद इब्राहिम जैसे गैंगस्टर यहां आया करते थे। 1880 में यह क्षेत्र अंग्रेजों के लिए ऐशगाह बन गया था।

4.पुणे का बुधवारपेट

पुणे के बुधवारपेट को भारत का तीसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया माना जाता है। यहां करीब 5000 यौनकर्मी काम करते हैं। इस इलाके में किताबों और इलेक्ट्रॉनिक सामान का भी कारोबार होता है।

5.ग्‍वालियर का रेशमपुरा

मध्य प्रदेश में एक तरह से सिंधिया परिवार की सरजमीं पर ग्वालियर में रेशमपुरा एक बड़ा रेडलाइट इलाका है। यहां देह व्‍यापार के लिए विदेशी लड़कियों के साथ मॉडल्स, कॉलेज गर्ल्स भी हैं। यहां एक तरह से कॉलेज गर्ल्स के लिए बाकायादा ऑफिस खोले जाने लगे हैं। इंटरनेट और मोबाइल पर आने वाली सूचनाओं के आधार पर कॉलगर्ल्स की बुकिंग होती है। कॉलगर्ल्स को ठेके पर या फिर वेतन पर रखा जाता हैं।

6.इलाहाबाद का मीरगंज

इलाहाबाद का ये इलाका गैर-कानूनी वैश्यावृत्ति के लिए जाना जाता है। यहां जाना भी खतरे से खाली नहीं है। मीरगंज रेडलाइट ऐरिया तकरीबन डेढ़ सौ साल पुराना है। हर घर के बाहर सज-धज कर तैयार महिलाएं हर आने जाने वाले को अपने पास बुलाती नजर आ जाएंगी। जानकारी के अनुसार यहां पर पहले कोठे चलते थे और यहां पुराने जमीदार मुजरा देखने आते थे।

7.वाराणसी का शिवदासपुर एरिया

इस इलाके में वैश्यावृत्ति प्राचीनकाल से चली आ रही है। घाटों के शहर, वाराणसी के एक अलग कोने में ये इलाका है जहां ये धंधा चलता है। शिवदासपुर वाराणसी रेलवे स्‍टेशन से तकरीबन 3 किलोमीटर दूर स्थित इलाका यहां के रेडलाइट इलाके के रूप में फेमस है। यह एक तरह से यूपी का सबसे बड़ा रेडलाइट इलाका है। यहां की तंग गलियों में घर के बाहर खड़ी लड़कियां ग्राहकों को उसी पारंपरिक तरीके से रिझाती नजर आती हैं, जैसे एक समय यहां चलने वाले कोठे में पारं‍परिक रूप से चलन में था।

8.नागपुर का गंगा-जमुना

महाराष्‍ट्र की उपराजधानी नागपुर में इतवारी इलाके में गंगा-जमुना इलाका है, जहां वेश्‍यावृत्ति चलती है। यह इलाका देह व्‍यापार के लिए पूरे नागपुर में फेमस है। खास बात यह है कि यह कई तरह के अपराधों का भी अड्डा है।

9.मुजफ्फरपुर का चतुरभुज स्‍थान

यहां कई सालों से मंदिर और कोठे आस-पास हैं. इस इलाके के बारे में जान कर लगता है कि हमारे पूर्वजों के समय कुछ तो अलग सामाजिक मान्यताएं रही होंगी। बताया जाता है कि उत्‍तरी बिहार का यह सबसे बड़ा रेडलाइट इलाका है।

10.कांडापारा वेश्यालय (बांग्लादेश)

यहां लड़कियां सिर्फ अपना पेट भरने के लिए हर दिन पता नहीं कितने लोगों के साथ हम बिस्तर होती हैं। इसी काम से इनका पेट भरता है और इनकी ज़िन्दगी चलती है अगर ये लड़कियां ग्राहकों के साथ हमबिस्तर न हों तो इनको तीन वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता।यहां जब कोई मासूम वेश्यावृत्ति के धंधे में आती है, तो सबसे पहले उसके बचपन को कुचल दिया जाता है और फिर भेड़ियों के सामने उसके जिस्म को फेंक दिया जाता है। हर दिन हर रात उन्हें अपने अस्तित्व को खुरच-खुरचकर मिटाते हुए काटना पड़ता है।इसके बदले इन लड़कियों को 10 से 12 डॉलर्स मिलते है हालाकिं ये पैसे भी उनके पास नहीं आते, बल्कि जिस अधेड़ महिला के अंडर में वे रहती हैं, उनके पास जाते हैं। इन बच्चियों को तो बस पेट भरने को कुछ रोटियां मिल जाती हैं। कभी-कभी ये अधेड़ महिलाएं इन बच्चियों को तोहफ़े भी दे देती हैं, लेकिन इन तोहफ़ों में ‘लाश’ बन चुकी इन मासूमों को कोई दिलचस्पी नहीं रहती।

 


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