राजनीति

लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा कभी नहीं देगी केंद्र सरकार: अमित शाह

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
631
| अप्रैल 4 , 2018 , 13:48 IST

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और हमला करने का दौर जारी है। अमित शाह ने मंगलवार को लिंगायत और वीरशैव लिंगायत को धार्मिक अल्पसंख्यकों का दर्जा देने के कदम को हिंदुओं को बांटने वाला बाताया है।

उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि "मैं ये भरोसा दिलाता हूं कि लिंगायत समुदाय को बंटने नहीं दिया जाएगा। जब तक भाजपा है तब तक कोई बंटवारा नहीं होगा। लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने की सिद्धारमैया सरकार की सिफारिश को केंद्र सरकार स्वीकार नहीं करेगी।"

अमित शाह ने सिद्धारमैया पर बोला हमला-:

अमित शाह ने सिद्धारमैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो लिंगायतों से प्रेम नहीं करते बल्कि उनका मकसद येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने से रोकना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और हिंदुओं को मारने के लिए जानी जाती है।

उन्होंने कहा कि यह सरकार इतिहास में सिर्फ अपने काले कारनामों के लिए ही जानी जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि सीएम सिद्धारमैया का यह फैसला कर्नाटक के चुनावी समर के लिए मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।बीजेपी लगातार यह आरोप लगाती रही है कि कर्नाटक में वोटों के समीकरण की वजह से यह फैसला लिया है। बता दें कि कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने हैं जबकि 15 को गिनती होनी है।

गरीबो के विकास पर भी चर्चा-:

शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब गरीबों का विकास भी होगा और उनकी स्थिति सुधरेगी भी। भारतीय जनता पार्टी उन गरीबों के विकास के लिए काम करेगी। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों पर 12 मई को एक ही चरण में मतदान होगा और 15 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार 17 अप्रैल से नामांकन पत्र भरे जा सकेंगे।

बीजेपी बदलेगी गरीब और पिछड़ा वर्ग का हाल-:

अन्य पिछड़ा वर्ग के कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 70 सालों में कांग्रेस ने गरीब और पिछड़ा वर्ग के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने अन्य पिछड़ा वर्ग का उपयोग सिर्फ वोट बैंक और चुनाव के लिए किया है। उन्होंने गरीबों के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया।

अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ओबीसी का ध्यान रखते हुए 116 योजनाएं बनाई है। ये बात अलग है कि कर्नाटक में बीजेपी की सरकार नहीं होने के कारण अभी तक केंद्र सरकार की सारी योजनाएं आप तक नहीं पहुंच पाई हैं लेकिन अब जब कर्नाटक में बीजेपी की सरकार आएगी तो यहां के समुदाय भी केंद्र की योजनाओं का फायदा उठा पाएंगे।

आखिर जानिए कौन है लिंगायत-:

- करीब 800 साल पहले बासवन्ना नाम के समाज सुधारक थे। उन्होंने जाति व्यवस्था में भेदभाव के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था।

- जानकार मानते हैं कि बासवन्ना के विचारों को मानने वाले ही लिंगायत और वीरशैव हैं।
- हालांकि, लिंगायत खुद को वीरशैव से अलग बताते हैं। उनका कहना है कि वीरशेव बासवन्ना से भी पहले से हैं। वे शिव को मानते हैं, जबकि लिंगायत शिव को नहीं मानते।
- लिंगायत अपने शरीर पर गेंद की तरह एक इष्टलिंग बांधते हैं। उनका मानना है कि इससे मन की चेतना जागती है।


कमेंट करें