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आडवाणी ने काशी में 90 दीप जलाकर मनाया अपना 90वां जन्मदिन

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 5 , 2017 , 12:52 IST | वाराणसी

देव दीपावली के पावन अवसर पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी शनिवार को धर्म नगरी काशी पहुंचे। इस मौके उनके साथ उनकी बेटी प्रत‍िभा थीं। काशी के खिड़कियां घाट पहुंचकर बीजेपी के संस्थापक ने देव दीपावली का उत्सव मनाया।

इस दौरान उन्होंने तिथि के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में घाट के किनारे 90 दीपक जलाकर अपना बर्थडे मनाया। इनका बर्थडे 8 नवंबर को है। लेकिन हिंदू माह के मुताबिक आडवाणी का जन्मदिन (8 नवंबर 1927) दीप दिपावली के दिन ही हुआ था। इस लिए 8 नवंबर से चार दिन पहले ही आडवाणी ने कुछ अलग तरह से अपना जन्मदिन मनाया।

इस मौके पर देश के पूर्व डिप्टी पीएम अाडवाणी की बेटी प्रतिभा ने मीडिया को बताया कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमें देव दीपावली पर काशी (वाराणसी) आने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि 8 नवंबर 1927 के दिन भी देव दीपावली मनाई गई थी। इसी लिए हम कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपवली के दिन यहां आए है।

लाल कृष्ण आडवाणी शाम लगभग दो घंटे से अधिक समय तक मोटरबोट की सवारी की। सायं छह बजे भैंसासुर घाट से मोटरबोट पर सवार होने के बाद अस्सी घाट तक की यात्र की। दशाश्वमेध घाट पर आडवाणी ने गंगा की महाआरती का आनंद लिया। उनके साथ रहीं उनकी पुत्री प्रतिभा बोलीं, दादू वेरी प्रीटी। इस पर बुजुर्ग नेता ने कहा-अद्भुात..बहुत सुदंर।

बाबतपुर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और अशोक धवन आदि उनका हालचाल पूछने सर्किट हाउस पहुंचे। शाम को खिड़किया घाट पर जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और प्रदेश के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी के साथ उन्होंने दीपदान किया।

यहां से संत मोरारी बापू के लिए बना गए बजड़े कैलाश पर सवार होकर अस्सी तक दीपों से जगमगाते घाटों की आभा देखी। उनके साथ मौजूद भाजपा के नेताओं ने बताया कि देव दीपावली देखने के बाद आडवाणी बहुत खुश थे। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि निकाय चुनाव पर उनसे किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई।

लालकृष्ण आडवाणी ने रात देव दीपावली का आनंद लेने के बाद आज सुबह-ए बनारस का लुत्फ उठाया। लालकृष्ण आडवाणी की बरसों की मुराद उस वक्त पूरी हो गई जब वह सुबह-ए-बनारस का नजारा लेने भैंसासुर घाट पहुंचे। इसकी तैयारी उन्होंने कल ही कर ली थी। उन्होंने आज सूर्योदय का समय भी पता किया।

ठीक उसी समय वह भैंसासुर घाट पर पहुंच गए। उन्हें एक समाचार पत्र के कार्यालय से दूरभाष पर सूचना प्राप्त कर यह बताया गया कि आज सूर्योदय सुबह छह बजकर आठ मिनट पर तथा सूर्यास्त सायं पांच बजकर 15 मिनट पर होगा। सूर्योदय का समय जानने के बाद आडवाणी ने रविवार को सुबह-ए-बनारस का नजारा देखने के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखाई।

आपको बता दें कि वाराणसी में देव दीपावली देखने शनिवार को 2 लाख से अध‍िक श्रद्धालु जुटे थे। काशी नगरी में देव दीपावली की शाम राजेंद्र प्रसाद, दशाश्वमेध, अहिल्या बाई और मानमंदिर घाटों पर दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ थी। राजेंद्र प्रसाद घाट पर आरती देखने गुजरात की पूर्व सीएम आनंदी बेन पटेल भी पहुंची थी।


क्यों मनाते हैं देव दीपावली?

यह पर्व त्रिपुरासुर के वध के बाद जब देवताओं ने महादेव की आरती की थी उसी आस्था के साथ काशी में मनाया जाता है। पुराणों की माने तो इस महाउत्सव में शामिल होने के लिए देवता भी आकाश से उतर कर धरती पर आ जाते है। वहीं अहिल्याबाई होल्कर और काशी के राजा विभूति नारायण सिंह के निर्देश पर शुरू हुआ ये पर्व आज अपनी अनोखी छटा बिखेर रहा है।


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