ख़ास रिपोर्ट

दुनिया के लिए मिसाल है कंबोडिया में कचरे से बना ये स्कूल...

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
210
| जुलाई 28 , 2017 , 16:23 IST | नोम पेन्ह

अक्सर लोग सोचते हैं कचरे से क्या हो सकता है? अरे जनाब कचरे से बहुत कुछ हो सकता है जरुरत सिर्फ जज्बे की है। कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में हर दिन जितना कचरा निकलता है, उसके बारे में यूक वान्डी ने कुछ करने की ठानी, दिमाग लगाया और बना दिया कूड़े और कचरे से स्कूल


प्लास्टिक बोतलों का सही इस्तेमाल


नोम पेन्ह के बाहरी इलाके में कोह डाख द्वीप में बने कोकोनट स्कूल में प्लास्टिक बोतलों का बिल्कुल सही इस्तेमाल किया गया है। पानी की बोतलों को बड़े ही सलीके से काट कर अलग अलग रंगों से पेंट किया गया , फिर इनसे कंबोडिया के झंडे का म्युरल बनाया गया ।

39750020_303

स्कूल के फर्श पर लगे बियर बोतलों के ढक्कन


दीवारों और फर्श को टाइल से ढकना काफी महंगा पड़ता है, उनकी जगह इस स्कूल में खाली हो चुकी बीयर की बेकार बोतलों से दीवारों पर सजावटी मोटिफ बनाये गये हैं और फर्श पर उस के ढक्कनों को लगाया गया है।

39750126_303

बच्चों को मिल रही है सही शिक्षा


स्टूडेंट यहां कचरे की रिसाइक्लिंग की विशेष क्लासें लेते हैं और बेकार चीजों को फिर से इस्तेमाल करने के तरीके सीखते हैं। स्कूल के संस्थापक ऊक वैन्डे बताते हैं कि इससे बच्चे और क्रिएटिव बनते हैं और पर्यावरण भी साफ रहता है।

39817162_303

छत पर पहुंचे प्लास्टिक कप


वान्डी इस स्कूल से कोई पैसे नहीं कमाते बल्कि वे अपने जानने वालों से स्कूल के लिए चंदा इकट्ठा करते हैं। कुछ स्थानीय कैफे स्कूल को दान के रूप में इस्तेमाल किये हुए प्लास्टिक के चम्मच और कप भी देते हैं,जिनसे स्कूल की छत बनी है।

39817274_303

टायरों में खिले फूल


बच्चों ने फूलों को उगाने के लिए भी क्रिएटिव तरीका निकाला है। कोकोनट स्कूल में पुराने टायरों का इस्तेमाल कर उनसे रंग बिरंगे कंटेनर बनाये गये हैं। उसमें भी स्कूल को सजाने के लिए फूल लगाये गये हैं।

39750163_303


कूड़े से सजावट


कोकोनट स्कूल में कुछ भी बर्बाद नहीं होने दिया जाता। टीचर और स्टूडेंट हमेशा बेकार चीजों को फिर से इस्तेमाल करने के नये नये रास्ते तलाशते रहते हैं। जैसे कि इस कमरे में खाली प्लास्टिक बोतलों को काटकर सजावटी चीजें बना दी गयी हैं।

39817259_303

'ग्रीन' शिक्षा है स्कूल का मकसद


वान्डी का मानना है कि कंबोडिया को साफ करने के लिए युवा लोगों को पर्यावरण के बारे में शिक्षित करना जरूरी है। जब सब ऐेसे छोटे छोटे कदम उठाएंगे और अपने आसपास बदलाव लाएंगे, तो उन्हें इन बदलावों का पर्यावरण पर अच्छा असर दिखेगा।

39817174_303


(सौजन्य-बीची/आरपी)


कमेंट करें