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बांग्लादेश ने बढ़ाई पाक की टेंशन, कहा- भारत को 'OIC' का पर्यवेक्षक बनाओ

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 6 , 2018 , 13:30 IST

भारत के छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे धुर विरोधी पाकिस्तान को झटका देते हुए बांग्लादेश ने कि भारत को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉरपोरेशन (ओआईसी) का पर्यवेक्षक बनाने की बात कही है। यह पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए किसी झटके से कम नही है। ओआईसी एक ऐसा संगठन है जिसके सदस्य केवल वही देश हैं जहां मुस्लिम आबादी की बहुलता है।

ढाका में आईओसी के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस दौरान बांग्लादेश के मंत्री अबुल हसन महमूद अली ने संगठन में सुधारों की मांग करते हुए कहा कि भारत जैसे देशों को संगठन के पर्यवेक्षक सीट के लिए नियुक्त किया जा सकता है, जो मुस्लिम बहुल देश नहीं है।

हालांकि पाकिस्तान इस प्रस्ताव का स्वागत नहीं करेगा क्योंकि वह इस फोरम के जरिए भारत को निशाना बनाता रहता है। लेकिन पाकिस्तान का प्रिय दोस्त चीन और बांग्लादेश इसका समर्थन कर सकते हैं। बता दें कि दुनियाभर की मुस्लिम आबादी का 10 प्रतिशत हिस्सा भारत में रहता है।

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9 करोड़ 20 लाख लोगों की आबादी वाले मिस्र में वैश्विक मुस्लिम आबादी का 5 प्रतिशत हिस्सा है। मुस्लिमों की वैश्विक आबादी के तौर पर भारत इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरे नंबर पर आता है। अली ने कहा, ऐसे बहुत से देश हैं, जो OIC के सदस्य नहीं लेकिन उनके देश में मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में है। उन देशों में भले ही मुस्लिम अल्पसंख्यक हों, लेकिन संख्या के मामले में ये कई OIC देशों की कुल आबादी को भी पार कर जाते हैं।

बांग्लादेशी विदेश मंत्री अली ने आगे कहा, 'उन गैर-OIC देशों के साथ भी दूरी को पाटने की जरूरत है ताकि बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी OIC द्वारा किए गए अच्छे कामों से अछूती न रहे। यही वजह है कि OIC के लिए सुधार और पुनर्गठन महत्वपूर्ण है।' अली ने कहा, 'वर्तमान युग की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमें अपने काम, तरीके और कार्यप्रणाली की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करना होगा।'

बांग्लादेश के इस सुझाव को OIC के सेक्रटरी जनरल ने भी अपना समर्थन दिया। यह पहली बार नहीं है जब भारत जैसे देश को OIC में शामिल करने की बात उठी हो लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा इस प्रस्ताव को वीटो किया। हालांकि, पिछले एक दशक में इस्लामी दुनिया के साथ भारत के संबंधों में अतुलनीय परिवर्तन आया है।

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साल 2006 में पूर्व सऊदी किंग अब्दुल्लाह ने भारत को OIC का पर्यवेक्षक बनाए जाने की मांग की थी लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 1990 के दशक में जम्मू कश्मीर को लेकर भारत पर हमले के लिए पाकिस्तान OIC के मंच का इस्तेमाल करता था।


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