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मालदीव ने ठुकराया नौसेना के सैन्य अभ्यास 'मिलन' का न्योता

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 28 , 2018 , 11:06 IST

मालदीव की अंदरूनी सियासत में जारी संकट भारत के साथ उसके द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित कर रहा है। ताजा मामले में मालदीव ने भारत द्वारा आयोजित क्षेत्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने से इनकार कर दिया है। मालदीव ने आठ दिवसीय नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ में शामिल होने का भारत का निमंत्रण ठुकरा दिया है और समझा जाता है कि उस द्वीपीय देश में आपातकाल के मद्देनजर यामीन सरकार की आलोचना करने पर उसने भारत को यह प्रतिक्रिया दी है।

नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने बताया कि 6 से 13 मार्च तक चलने वाले इस सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए मालदीव को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन उन्होंने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया है।

लांबा ने आगे कहा कि हम हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं. हालांकि बीते कई सालों से उनकी नौसेना ऐसे ही गश्त करती रही है।

एडमिरल लांबा ने कहा, "इंडियन आेशन में चीन की गतिविधियों पर हमारी कड़ी नजर है। भारतीय सेना के 8 से 10 जहाज इंडियन आेशन में हर वक्त तैनात रहते हैं।"

एडमिरल लांबा ने कहा, ‘उन्होंने कोई वजह नहीं बताई है.’

इंडियन नेवी, मिलन एक्सरसाइज का आयोजन पोर्टब्लेयर में 6 से 13 मार्च तक करेगी। इसमें भारत समेत 17 देशों की नेवी हिस्सा लेंगी। बता दें कि मालदीव संवैधानिक संकट से जूझ रहा है। वहां 5 फरवरी से इमरजेंसी लागू है।

क्या हो सकती है इनकार की वजह?

माना जा रहा है कि मालदीव ने देश में चल रहे संवैधानिक संकट के कारण भारत का न्योता ठुकराया है। मालदीव के प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन ने वहां 5 फरवरी से इमरजेंसी लगाई थी।

वहीं, एक वजह यह भी हो सकती है कि मालदीव में इमरजेंसी की अवधि 15 से बढ़ाकर 30 दिन करने पर भारत ने इसे असंवैधानिक करार दिया था। इसके जवाब में मालदीव ने कहा था कि भारत हकीकत को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। ये हमारे संविधान और कानून की अनदेखी है।


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