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मालेगांव केस: कर्नल पुरोहित ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, साध्वी प्रज्ञा हो चुकी हैं आज़ाद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 28 , 2017 , 16:04 IST | नयी दिल्ली

मालेगांव विस्फोट के आरोपी श्रीकांत पुरोहित ने बंबई उच्च न्यायालय में जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद गुरुवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल की ओर से त्वरित सुनवाई करने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि तय प्रक्रिया के तहत ही सुनवाई की जाएगी।

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(फाइल तस्वीर)

बंबई उच्च न्यायालय ने सितंबर 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट की साजिश रचने की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 25 अप्रैल को जमानत दी थी लेकिन सह आरोपी पुरोहित की जमानत याचिका को यह कहकर रद्द कर दिया कि उनके खिलाफ लगे आरोपों की प्रकृति गंभीर है।

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(फाइल तस्वीर)

नासिक जिले के मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक मोटरसाइकिल में लगे बम में विस्फोट हो गया था। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और लगभग 100 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और 44 वर्षीय पुरोहित को वर्ष 2008 में गिरफ्तार कर लिया गया था।

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(फाइल तस्वीर)

कैंसर से पीड़ित साध्वी प्रज्ञा  मध्य प्रदेश के अस्पताल में उपचार करवा रही हैं और पुरोहित महाराष्ट्र की तलोजा जेल में बंद हैं।

बता दें कि पुरोहित ने पहले भी सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। कर्नल पुरोहित ने बगैर चार्जशीट दाखिल किए लंबे समय से जेल में रखे जाने को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि कर्नल पुरोहित को जिन आरोपों के कारण सात साल जेल में गुजारने पड़े उनमें प्रमुख समझौता एक्सप्रेस धमाका है।

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(फाइल तस्वीर)

दिल्ली से पाकिस्तान जाने वाली इस ट्रेन में 18 फरवरी 2007 को हरियाणा के पानीपत के पास धमाके हुए जिनमें 68 लोगों की जान गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। वहीं समझौता एक्सप्रेस के बाद 29 सितंबर 2008 को ही महाराष्ट्र के मालेगांव में धमाके हुए। मालेगांव धमाकों में महाराष्ट्र एंटी टेरर स्‍क्वॉड (एटीएस) जांच शुरू की तो लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की संदिग्‍ध भूमिका मानी गई।


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