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ख़तरे की जद में दुनिया! 19 अप्रैल को पृथ्वी के करीब से गुजरेगा 1 मील चौड़ा Asteroid : नासा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 5 , 2017 , 12:39 IST | अमेरिका

नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, करीब एक मील चौड़ा क्षुद्रग्रह 19 अप्रैल 2017 को पृथ्वी के काफी करीब से गुजरने वाला है। वैज्ञानिक ऐसे कई आकाशीय पिंडों को पृथ्वी के लिए संभावित खतरा मानते हैं, क्योंकि इनकी टक्कर विनाशकारी हो सकती है।

वैज्ञानिकों ने इस क्षुद्रग्रह को ‘2014 जेओ25’ नाम दिया है। उन्होंने इसको भी ‘संभावित खतरा’ माना है। इसको क्षुद्रग्रह रडार का इस साल का सबसे मजबूत लक्ष्य माना जा रहा है। यह 19 अप्रैल को पृथ्वी से महज 1,097,590 मील की दूरी से गुजरेगा। यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से 4.8 गुना अधिक है।

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नासा जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला के स्पेस एक्स्प्लोरर रोन बाल्के ने पिछले साल ही एक वीडियो ट्वीट कर दिखाया था कि कैसे पृथ्वी के करीब भयावह विशाल अंतरिक्ष रॉक आती है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, बीते एक दशक में यह पहली बार है जब इस आकार का कोई क्षुद्रग्रह पृथ्वी के इतना करीब होगा। इसके बाद कम से कम अगले चार सौ साल तक इस क्षुद्रग्रह के इतना करीब आने की संभावना नहीं है। इस क्षुद्रग्रह को पहली बार मई 2014 में माउंट लेमन सर्वे द्वारा देखा गया था।

नासा के अनुसार, 2014 जेओ25 एक ‘संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रह’ है। इसके बावजूद इससे किसी खतरे की सूचना नहीं है। उम्मीद है यह बिना नुकसान पहुंचाए पृथ्वी के करीब से गुजर जाएगा।

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इससे पहले सितंबर 2004 में 4179 टैउटिस क्षुद्रग्रह पृथ्वी से लगभग 9,55,420 मील (1,537,600 किलोमीटर) दूरी से होकर गुजरा था। यह दूरी पृथ्वी व चंद्रमा के बीच की दूरी का चार गुना थी। अब अगस्त 2027 में ‘1999 एएन10’ नामक क्षुद्रग्रह पृथ्वी के बेहद करीब से अर्थात चंद्रमा जितनी दूरी से होकर गुजरने वाला है। इसका व्यास करीब 800 मीटर होगा।


नासा पिछले एक साल से एक मिशन पर काम कर रही है जो क्षुद्रग्रह को रिडायरेक्ट करने में सक्षम होगा। इसके तहत एक रोबोटिक अंतरिक्षयान को एक क्षुद्रग्रह पर भेजा जाएगा, जहां से वह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक ठिकाना निर्मित करेगा। रोबोटिक यान क्षुद्रग्रह से एक बड़ा शिलाखंड तोड़कर चंद्रमा की ओर फेंक देगा। यह शिलाखंड मंगल पर जाने वाले भावी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ठिकाना बनेगा। जो पृथ्वी को किसी संभावित विनाशकारी टक्कर से बचाने के लिए आवश्यक हो सकता है।

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