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ये हैं वो 4 मुजरिम! जिन्होंने किया 125 करोड़ उम्मीदों का क़त्ल

icon कुलदीप सिंह | 1
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| जून 19 , 2017 , 17:24 IST

भारत बनाम पाकिस्तान के बीच हुए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने 180 रन से जीत दर्ज की। इस मुकाबले के चौथे ओवर में फखर जमान ने बुमराह की गेंद पर धोनी को कैच पकड़ा दिया। मगर वो नो बॉल करार दी गई। उस वक्त जमान महज 3 रन में खेल रहे थे और उन्हें जीवनदान मिल गया। फिर क्या था फखर ने अपने करियर की पहली सेंचुरी जमाते हुए 114 गेंद में 106 रन की पारी खेली।

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1. खराब गेंदबाजी की वजह से हारे हम

भारतीय टीम की हार के लिए गेंदबाजी सबसे बड़ी वजह बनी है। पाकिस्तानी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों में इतने हावी हो गए कि लगातार गेंदबाजों की लाइन लेन्थ बिगड़ती चली गई। कप्‍तान विराट कोहली ने फाइनल में 6 गेंदबाजों को पाकिस्‍तानी बल्‍लेबाजी के खिलाफ आजमाया मगर भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पांड्या के सिवा कोई भी गेंदबाज अपना प्रभाव नहीं छोड़ सका।

2. विश्व के पहले नंबर की टीम बिखर गई

भारतीय टीम को विश्व की सबसे मजबूत बैटिंग लाइनअप वाली टीम माना जाता है मगर यह कितनी मजबूत थी वह तो पाकिस्तान से मिली हार के बाद साफ हो गया। पाकिस्‍तानी गेंदबाज के सामने भारतीय बल्‍लेबाज (शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी) फिसड्डी साबित हुए। हार्दिक पांड्या को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज अपनी छाप नहीं छोड़ सका। नतीजा यह रहा कि पूरी टीम महज 30 ओवर और 3 गेंद पर 158 रन बनाकर आउट हो गयी

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3. धोनी और युवरा‍ज नहीं बन पाए स्टार

चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल से पहले महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह को टीम इंडिया के लिए का इक्का माना जा रहा था। मगर ये बल्लेबाज पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने ढ़ेर हो गए। युवराज सिंह ने चार चौको की मदद से 22 रन बनाकर पवेलियन का रास्ता पकड़ लिया। उसी तरह धोनी ने भी अपना विकेट गवां दिया। एक बार ऐसा लगा कि दोनों खिलाड़ी एक बार फिर से वर्ल्ड कप फाइनल वाला जलवा दिखाते हुए चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम कर लेंगे...

4. जडेजा ने पांड्या को कराया रन आउट

कल के मैच में रवींद्र जडेजा ने भारतीय टीम की बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। जडेजा और हार्दिक पांड्या अच्‍छा खेल रहे थे। दोनों के बीच साझेदारी भी बढ़ रही थी, ऐसा लग रहा था कि दोनों मिलकर भारतीय टीम को ट्रॉफी तक पहुंचा देंगे। मगर जडेजा ने पांड्या को रन लेने के लिए बुलाया और आधे के बाद वापस अपनी क्रीज़ पर लौट गए और पांड्या आउट हो गए। अगर जडेजा खेल भावना के तहत खुद को आउट करा देते और पांड्या को बचा लेते तो भारत का स्कोर बेहतर होता।

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कुलदीप सिंह

Editorial Head- www.Khabarnwi.com Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

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