राजनीति

मायावती का बड़ा ऐलान- 2019 चुनाव के लिए SP-BSP का होगा महागठबंधन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 7 , 2018 , 13:00 IST

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एनडीटीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव के साथ लंबे समय से अपेक्षित गठबंधन की बात जारी है। उन्होंने कहा कि इस बात की घोषणा जल्द की जाएगी, जब दोनों पार्टियां सीट शेयरिंग के लिए बैठक करेंगी। इसके साथ-साथ एचडी देवेगौड़ा की जनता दल सेक्युलर के साथ दक्षिण में गठजोड़ पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। 62 वर्षीय मायावती ने गैर-कांग्रेस, गैर-बीजेपी गुट में खुद के लिए एक प्रमुख स्थान बनाया है, जो संभावित रूप से उन्हें भारत की पहली दलित महिला प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में दावा करने का मंच दे सकता है।

साभार: NDTV

जब चुनाव निकट आएगा तब गठबंधन की घोषणा की जाएगी- मायावती

जनता दल सेक्युलर के नेता उन्हें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए गैर-कांग्रेसी गैर-बीजेपी गुट के फ्रंट के रूप में संबोधित कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि अखिलेश यादव के साथ गठबंधन की घोषणा कब की जाएगी, मायावती ने एनडीटीवी के प्रणय रॉय से कहा कि अभी लोकसभा चुनाव में समय है। जब चुनाव निकट आएगा है, तो दोनों पार्टियां सीटों को समायोजित करेंगे और फिर घोषणा करेंगे। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती इस समय कर्नाटक में हैं, जहां वो 12 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों में जनता दल सेक्युलर के लिए प्रचार करेंगी।

एक फ्रंट बनाने के पक्ष में है मायावती

उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता कुंवर दानिश अली ने क्षेत्रीय दलों के बीच कहा, बहनजी एकमात्र ऐसी नेता हैं जो सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मायावती जी के नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी एकमात्र पार्टी है जो सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट कर सकती हैं। इसलिए वह 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए वह इन दलों के लिए एक फ्रंट होंगी। उत्तर प्रदेश में हुए हालिया उपचुनावों के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मायावती की चुनावी समझ ने बीजेपी को उनके ही गढ़ में मात दे दी। बीजेपी को यूपी उपचुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा आयोजित गोरखपुर और फूलपुर सीटों में मात मिली थी।


मायावती और अखिलेश यादव के बीच गठबंधन से कितना अंतर पैदा हो सकता है, इसका उदाहरण यूपी उपचुनावों में आए नतीजों से जाना जा सकता है। अगर 2019 में होने वाले लोकभा चुनाव में सपा-बसपा के बात गठबंधन होता है तो पीएम मोदी की योजनाओं पर एक बड़ा विघटनकारी काफी असर डालेगा। हाल ही में बीजेपी को गोरखपुर में मिली भारी हार साबित करता है कि बीजेपी को पराजित किया जा सकता है।


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