अभी-अभी

मायावती ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, संसद में नहीं बोलने देने का लगाया था आरोप

राघवेन्द्र द्विवेदी, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
210
| जुलाई 18 , 2017 , 17:20 IST | नयी दिल्ली

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने आखिरकार राज्यसभा से इस्तीफा दे ही दिया। मायावती ने राज्यसभा के चेयरमैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मायावती जब इस्तीफा देने राज्यसभा चेयरमैन के दफ्तर पहुंची तो उनके पीछे राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला भी पहुंच गए। उनकी अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा भी मायावती के पीछे दफ्तर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सभी सांसदों ने मायावती को इस्तीफा देने से रोका, मगर वो नहीं मानीं और अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

दरअसल, सोमवार को जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, उसके बाद मायावती ने सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया। मायावती लगातार इस मसले पर यूपी की योगी सरकार को घेर रही थीं, मगर चेयरमैन ने उन्हें समय पूरा होने की दलील देते हुए बैठने का आग्रह किया। हालांकि, इसके बाद मायावती लगातार बोलने की परमिशन मांगती रही, मगर चेयरमैन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। इस बीच मायावती भड़क उठीं और सदन से इस्तीफा देने की धमकी देकर वॉकआउट कर गईं।

दरअसल बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सहारनपुर की घटना को साज़िश बताते हुए कहा था कि जबसे उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आयी है तब से दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं। मायावती ने केंद्र और यूपी सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ हल्ला बोला लेकिन सत्ता पक्ष ने इसे हार की हताशा बताया।

शोर-शराबे के बीच मायावती को लगा कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है तो वे उपसभापति पीजे कुरियन पर भी बरस पड़ीं और कहा कि अगर उनको सवाल भी नहीं पूछने दिया जाएगा तो वह सदन से इस्तीफ़ा दे देंगी। इतना कहते ही मायावती राज्यसभा से बाहर निकल गईं। मायावती के बाहर जाते ही कांग्रेस के सदस्य भी मायावती के समर्थन में राज्यसभा से वॉकआउट कर गए। यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन करने वाली कांग्रेस राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी के साथ खड़ी हो गई। 

हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित की है लेकिन जब 12 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो दोबारा हंगामा हो गया।

विपक्ष की फेहरिस्त में मॉब लिंचिंग की घटनाएं, गोरक्षा के नाम पर अराजकता, पाकिस्तान, कश्मीर के हालात, चीन की घुसपैठ, मध्य प्रदेश में पुलिस फायरिंग से हुई किसानों की मौत और जीएसटी जैसे मुद्दे हैं जिनके सहारे विपक्ष संसद में सरकार को घेरने के लिए कमर कसे हुए है। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष को सदन चलाने में सहयोग करना चाहिए।


कमेंट करें