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रोहतक: मेडिकल बोर्ड ने दी 10 साल की बच्ची के गर्भपात की इजाजत, पिता ने किया था बलात्कार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 17 , 2017 , 13:00 IST | रोहतक

रोहतक में डॉक्टरों के एक पैनल ने पांच माह की गर्भवती 10 वर्षीय लड़की के भ्रूण को गिराने का मंगलवार को फैसला लिया। सौतेले पिता ने लड़की का कथित तौर पर लगातार बलात्कार किया था जिससे वह गर्भवती हो गई। इससे पहले जिला अदालत ने इस मामले पर फैसला पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के चिकित्सा बोर्ड पर छोड़ दिया था।

 

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हरियाणा में बलात्कार की शिकार 10 साल की एक बच्ची का गर्भपात कराने की अनुमति दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि बच्ची के सौतेले पिता ने ही उसका बार बार बलात्कार किया। इस मामले का पता पिछले हफ्ते ही चला और तब तक पीड़ित का गर्भ 20 हफ्ते की समयसीमा को पार कर चुका था। भारत में गर्भ को 20 हफ्ते से ज्यादा होने की स्थिति में तभी गर्भपात की अनुमति होती है, जब मां या बच्चे में किसी से किसी जान को खतरा हो। पुलिस ने लड़की के सौतेले पिता को गिरफ्तार कर लिया है, मामले की जांच कर रही पुलिस अधिकारी गरिमा देवी के मुताबिक, कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड को इस बारे में फैसला करने का अधिकार दिया था और डॉक्टरों ने गर्भपात करने का निर्णय लिया है उनके मुताबिक, "बोर्ड ने यह नहीं बताया है कि वह कब इसे (गर्भपात को) कर रहे हैं, लेकिन यह जल्द ही होगा हाल के महीनों में सुप्रीम कोर्ट को महिलाओं की बहुत सारी याचिकाएं मिली हैं जिनमें बलात्कार पीड़ित और मानव तस्करी का शिकार महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने गर्भधारण को 20 हफ्ते से ज्यादा होने की स्थिति में भी गर्भपात की अनुमति मांगी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि गर्भपात की समयसीमा को बढ़ा कर 24 हफ्ते कर दिया जाना चाहिए क्योंकि बलात्कार की शिकार महिलाएं अकसर देर से अपने गर्भ के बारे में बताती हैं। वहीं एक अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित की मां चाहती है कि आरोपी यानी उसके पति को छोड़ दिया जाए क्योंकि उसने माफी मांग ली है और उसके दूसरे बच्चों को देखभाल की जरूरत है। अखबार के मुताबिक पीड़ित की मां ने बताया, "इस लड़की की जिंदगी तो बर्बाद हो गई, लेकिन मेरे दूसरे बच्चों का क्या होगा? मुझे तो उनका भविष्य भी देखना है बलात्कार के मामले में भारत का रिकॉर्ड बहुत खराब है। सिर्फ दिल्ली में ही 2015 के दौरान बलात्कार 2,166 के मामले दर्ज हुए यानी एक दिन में औसतन छह बलात्कार हुए। बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की एक समिति ने 2014 में भारत में बाल यौन शोषण का स्थिति पर गहरी चिंता जताई थी। समिति का कहना है कि भारत में बलात्कार का शिकार होने वाले हर तीन लोगों में से एक नाबालिग है।

 

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