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नॉर्थ ईस्ट की महिला को दिल्ली गोल्फ क्लब से भगाया, कहा- डस्टबिन जैसी दिखती हो

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 27 , 2017 , 15:08 IST | नई दिल्ली

दिल्ली गोल्फ क्लब में पारंपरिक पोशाक जैन्सेम पहनकर पहुंचने पर मेघालय की महिला के साथ अभद्रता की गई। अपनी नियोक्ता निवेदिता बरठाकुर के साथ आमंत्रण पर लंच के लिए पहुंची महिला को न सिर्फ गोल्फ क्लब में खाने की टेबल से हटाया गया, बल्कि क्लब से बाहर जाने को भी कहा गया।

बता दें कि लिन लिंगदोह नाम की यह महिला असम सरकार में हेल्थ अडवाइजर डॉक्टर निवेदिता के बेटे की देखभाल करती हैं। लिंगदोह भी उन 8 मेहमानों में शामिल थीं जिन्हें क्लब के लंबे समय से सदस्य रहे पी तिमैया ने आमंत्रण दिया था। लिंगदोह जैन्सम पहन कर क्लब पहुंची थीं।

क्लब ने कहा- वह नौकरों के तरह कपड़े पहनी है, नेपाली दिखती है

डॉक्टर निवेदिता ने बताया कि हमें पहुंचे 10-15 मिनट हुए थे, तभी मैनेजर अजीत पाल और सुमिता ठाकुर नाम की महिला ने लिंगदोह को टेबल से उठकर कमरे से बाहर जाने को कहा। मैंने उनसे कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि लिंगदोह नौकरानी की तरह दिख रही है। मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने यह निष्कर्ष कैसे निकाला। उन्होंने जवाब दिया कि लिंगदोह अलग दिख रही हैं, उसने नौकरों की तरह कपड़े पहने हैं और वह नेपाली दिखती है। यह बहुत अपमानजनक था। मैं इस तरह के भेदभाव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी।

क्लब पर भारतीय पारंपरिक परिधान के बेईज्जती का आरोप

डॉक्टर निवेदिता ने बताया, 'मैंने इसका विरोध किया क्योंकि वे एक भारतीय नागरिक के पारंपरिक परिधान की बेइज्जती कर रहे थे। मैंने यह भी कहा कि लिंगदोह क्या करती हैं यह मायने नहीं रखता क्योंकि उन्हें यहां के ही एक सदस्य ने आमंत्रित किया है। लेकिन वहां खड़े किसी भी शख्स ने इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया।

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लिंगदोह ने बताया कि वह जेन्सम पहन कर लंदन और यूएई भी गई हैं लेकिन वहां उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। बल्कि वहां लोगों ने जेन्सम की तारीफ की। लेकिन भारत में, मुझे दिल्ली गोल्फ क्लब से बाहर जाने के लिए कह दिया गया क्योंकि वे हमारी संस्कृति, परंपरा के बारे में नहीं जानते

गोल्फ क्लब ने महिला से मांगी माफी

वहीं, इस बारे में गोल्फ क्लब के अध्यक्ष सिद्धार्थ श्रीराम ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले पर लिंगदोह और डॉ. निवेदिता से माफी मांगता हूं। पीड़ित की नियोक्ता ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है। बता दें कि निवेदिता उद्यमी होने के साथ असम सरकार की सलाहकार भी हैं। 


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