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जानिए क्यों रोहित वेमुला- जेएनयू और कश्मीर मुद्दे पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर सरकार ने लगाई रोक

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 11 , 2017 , 14:18 IST | नई दिल्ली

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही के तीन विवादस्पाद मुद्दों पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी है। यह तीनों फिल्में देश की बड़ी कॉन्ट्रोवर्सीज को लेकर बनाई गईं हैं। फिल्में रोहित वेमुला की आत्महत्या(द अनबियरेबल बींग ऑफ लाइटनेस), कश्मीर में तनाव(इन द शेड्स को फॉलन चिनार) और जेएनयू विवाद(मार्च मार्च मार्च) को लेकर बनाई गई हैं। इन तीनों फिल्मों को सेंसर से छूट नहीं मिली है।

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तीनों डॉक्यूमेंट्री को 16 जून से केरल में शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाना था। इस फेस्टिवल का आयोजन केरल स्टेट चलचित्र एकेडमी द्वारा किया जाता है। बता दें फिल्म फेस्टिवल पर दिखाई जाने वाली फिल्मों को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट की जरूरत तो नहीं होती लेकिन उन्हें सेंसर से छूट का एक सर्टिफिकेट लेना होता है जो मंत्रालय द्वारा मिलता है। इस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी तरह की फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं की जा साकती।

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वहीं मामले को लेकर अकादमी चेयरमैन कमल ने बताया कि उन्होंने लगभग 200 फिल्मों को मंत्रालय से सेंसर छूट का सर्टिफिकेट जारी करने के लिए भेजा है। उन्होंने कहा-

सभी फिल्मों को सेंसर से छूट मिली है सिवाए इन तीन फिल्मों के। मंत्रालय ने इन्हें छूट नहीं देने के लिए कोई वजह भी नहीं बताई है। मुझे लगता है कि इन तीन फिल्मों को दिखाने की इजाजत इसलिए नहीं मिली है क्योंकि यह देश में असहिष्षुणता के मुद्दे से डील करती हैं।

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कमल ने आगे बताया कि,

हमने मामले को लेकर दोबारा अपील की है और आगे जवाब मिलना बाकी है।

वहीं कमल ने इस फैसले की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि, यह मामला बताता है कि देश में एक सांस्कृतिक इमरजेंसी लगी हुई है।

उन्होंने कहा-

हम एक अघोषित इमरजेंसी की स्थिति से जूझ रहे हैं। अब एक ऐसा समय आ गया है जब राजनेता तय करते हैं कि हमें क्या खाना चाहिए, क्या पहनना चाहिए और क्या बातें करनी चाहिए।

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