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घाटे में मोदी सरकार, सरकारी संपत्ति बेच कर जुटा सकती है 925 अरब का फंड

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 28 , 2018 , 14:52 IST

राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार 15.7 अरब डॉलर यानी 1 खरब रुपये की रकम सरकारी संपत्तियों को बेचकर जुटा सकती है। सरकार की ओर से राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने और आम चुनाव से पहले सामाजिक योजनाओं में बड़े पैमाने पर खर्च कर मतदाताओं को लुभाने के लिए ऐसा कदम उठाया जा सकता है। इन्वेस्टमेंट बैंकर्स और अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस साल बड़े पैमाने पर विनिवेश करने के बाद अरुण जेटली की ओर से 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए फाइनांशियल इयर में भी बड़े पैमाने पर विनिवेश का लक्ष्य रखा जा सकता है।

HPCL को ONGC ने खरीदा

सरकारी रिफाइनिंग कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम ऐंड कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 51 पर्सेंट शेयरों को ओएनजीसी द्वारा खरीदने समेत तमाम विनिवेश समझौतों से सरकार ने इस साल 925 अरब रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में ओएनजीसी ने 369 रुपये में एचपीसीएल के शेयरों को खरीदने पर सहमति जताई है। उम्मीद की जा रही है कि ओएनजीसी और एचपीसीएल के बीच डील इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएगी।

विनिवेश से सरकार जुटाएगी 725 अरब रुपये

इस डील के चलते सरकार को बजट तक विनिवेश के जरिए 725 अरब रुपये जुटाने में मदद मिलेगी। बीते 8 सालों में यह पहला मौका होगा, जब भारत विनिवेश के अपने लक्ष्य से आगे निकल जाएगा। जीएसटी लागू होने के बाद से टैक्स कलेक्शन में कमी होने के चलते सरकार ने इस फाइनांशियल इयर में सरकारी कंपनियों में विनिवेश की गति को बढ़ा दिया है। सरकार ने इस साल के लिए राजकोषीय घाटे को कुल जीडीपी के 3.2 फीसदी तक सीमित रखने का लक्ष्य लिया है। इसके अलावा अगले साल के लिए यह टारगेट 3 फीसदी का ही रखा गया है।


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