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आतंकवाद पर मोदी की राय: विवादों को बातचीत के रास्ते ही सुलझाया जा सकता है

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 5 , 2017 , 18:44 IST | रंगून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों का समाधान बातचीत और चर्चा से ही खोजा जा सकता है। मोदी ने यह बात यांगून (म्यांमार) में आयोजित 'संवाद- ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवॉयडेंस एंड एन्वॉयर्नमेंट कॉन्शेसनेस' के दूसरे एडिशन में दिए अपने वीडियो मैसेज में कही। यह प्रोग्राम रविवार को भी होगा।

मोदी ने 'संवाद' के दूसरे संस्करण के लिए एक वीडियो संदेश में कहा कि, जहां 21वीं सदी का आपस में जुड़ा और आपस में एक दूसरे पर निर्भर विश्व आतंकवाद से लेकर जलवायु पर्वितन तक के लिए लड़ रहा है, वहीं मुझे भरोसा है कि इनके समाधान एशिया के सबसे पुराने बातचीत और चर्चा के रिवाजों से खोजे जा सकते हैं।

मोदी ने कहा इंसान को प्रकृति के साथ चलना चाहिए

उन्होंने जोर दिया कि अगर इंसान प्रकृति की रक्षा नहीं करेगा, तो प्रकृति जलवायु परिवर्तन के रूप में प्रतिक्रिया करेगी। उन्होंने कहा कि इंसान को प्रकृति के साथ चलना चाहिए। इंसान को प्रकृति को केवल दोहन का संसाधन नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसकी रक्षा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि पर्यावरण संबंधी कानून और नियम हालांकि किसी भी आधुनिक समाज के लिए जरूरी हैं, लेकिन वे केवल प्रकृति की निम्न स्तर पर ही रक्षा करते हैं।

तर्क शास्त्र प्राचीन भारत का ही कॉन्सेप्ट

मोदी ने कहा, "तर्क शास्त्र (डिबेट) प्राचीन भारत का ही कॉन्सेप्ट है, बातचीत और चर्चा के जरिये इसे पाया गया और यह विवादों को खत्म करने और विचारों को एक-दूसरे से साझा करने का मॉडल बना। भारत में मानवता का लंबा इतिहास रहा है, कई धर्मों, सभ्यताओं और अध्यात्म में इसकी गहरी जड़ें हैं। इसके रास्ते ही हमनें कई सवालों के जवाब खोजे हैं।

मोदी ने भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध और भक्त प्रह्ललाद का उदाहरण देते हुए कहा, "इन सबके कामों का मकसद धर्म को बनाए रखना था, जो प्राचीन वक्त से आधुनिक काल तक लगातार भारतीयों में बना हुआ है।


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